Highlights
- 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में बीजेपी का बड़ा कदम
- विधायकों की परफॉर्मेंस पर होगा दूसरा सर्वे
- 4 फरवरी से शुरू हो सकता है सर्वे का दूसरा चरण
- निगेटिव रिपोर्ट वाले विधायकों का टिकट कटना तय माना जा रहा
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब चुनाव से पहले अपने मौजूदा विधायकों का दूसरा सर्वे कराने जा रही है। पार्टी का उद्देश्य स्पष्ट है—केवल जिताऊ और मजबूत उम्मीदवारों को ही चुनावी मैदान में उतारना।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह दूसरा चरण का सर्वे 4 फरवरी से शुरू हो सकता है और इसे पहली बार से अलग एक स्वतंत्र एजेंसी के जरिए कराया जाएगा।
क्यों जरूरी है दूसरा सर्वे?
बीजेपी पहले ही एक चरण का सर्वे करा चुकी है, जिसकी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व के पास मौजूद है। अब दूसरे सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी एक एजेंसी की रिपोर्ट पक्षपाती या एकतरफा न हो।
दोनों सर्वे रिपोर्ट का आपस में मिलान किया जाएगा, ताकि फील्ड से निष्पक्ष और वास्तविक फीडबैक मिल सके। इसके आधार पर ही यह तय होगा कि किस विधायक को दोबारा मौका मिलेगा और किसका टिकट काटा जाएगा।
सभी 403 सीटों पर होगा सर्वे
पार्टी इस बार सिर्फ अपने 258 विधायकों तक सीमित नहीं रहेगी। सर्वे प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर कराया जाएगा।
इसमें सहयोगी दलों—
- राष्ट्रीय लोक दल (RLD)
- अपना दल (एस)
- सुभासपा
- निषाद पार्टी
की सीटें भी शामिल होंगी, ताकि गठबंधन स्तर पर भी मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।
सर्वे कैसे किया जाएगा?
सूत्रों के अनुसार, सर्वेयर सीधे फील्ड में जाकर लोगों से बातचीत करेंगे। इसमें—
- आम मतदाता
- दुकानदार
- सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि
- वकील, डॉक्टर, शिक्षक
- युवा और महिलाएं
- बीजेपी के मंडल व जिला स्तर के पदाधिकारी
- आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ता
सभी से फीडबैक लिया जाएगा।
सर्वे सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य बातचीत के जरिए किया जाएगा, ताकि लोगों की स्वाभाविक राय सामने आ सके।
सर्वे में पूछे जाएंगे ये अहम सवाल
- विधायक की जनता में छवि कैसी है?
- क्या वे क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं?
- बीते चार वर्षों में कितने विकास कार्य हुए?
- पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ कितनी मजबूत है?
- किसी विवाद या आरोप का असर तो नहीं है?
- अगर दोबारा टिकट दिया जाए तो जीत की संभावना कितनी है?
- वैकल्पिक उम्मीदवार कौन हो सकता है?
इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
निगेटिव रिपोर्ट पर कट सकता है टिकट
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, जिन सीटों पर दोनों सर्वे रिपोर्ट निगेटिव आएंगी, वहां मौजूदा विधायक का टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है।
पार्टी पहले भी यह मॉडल अपना चुकी है। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कराए गए सर्वे के आधार पर बीजेपी ने 120 से ज्यादा विधायकों के टिकट काटे थे और कई नए चेहरों को मौका दिया था।
2027 की रणनीति साफ
बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि समय रहते आकलन करने से संगठन को मजबूत किया जा सकता है। इस सर्वे से यह स्पष्ट तस्वीर मिलेगी कि—
- कहां बदलाव जरूरी है
- किन सीटों पर चेहरा बदला जाए
- और किन विधायकों पर दोबारा भरोसा किया जाए
पार्टी 2027 के चुनाव में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं छोड़ना चाहती।