मुंबई/नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज यानी 16 फरवरी 2026 को चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच रहे हैं। राष्ट्रपति मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे।
इस यात्रा को भारत-फ्रांस संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगा, खासकर इनोवेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा, समुद्री सुरक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में।
मुंबई में PM मोदी और मैक्रों की होगी द्विपक्षीय मुलाकात
राष्ट्रपति मैक्रों की यात्रा के दूसरे दिन यानी 17 फरवरी को मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक दोपहर 3:15 बजे मुंबई स्थित लोक भवन में होगी।
इस दौरान दोनों नेता ‘हॉरिजोन 2047 रोडमैप’ के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। बैठक के बाद MoU का आदान-प्रदान और संयुक्त बयान जारी किए जाने की भी संभावना है।
India-France Innovation Forum और Gateway of India पर खास कार्यक्रम
द्विपक्षीय वार्ता के बाद शाम 5:20 बजे मुंबई के होटल ताज पैलेस में India-France Innovation Forum का आयोजन किया जाएगा।
इसके बाद रात 8:15 बजे गेटवे ऑफ इंडिया पर ‘India-France Year of Innovation and Cultural Commemoration’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों शामिल होंगे। यह आयोजन 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के रूप में मनाने की दिशा में एक प्रतीकात्मक शुरुआत मानी जा रही है।
दिल्ली में AI Impact Summit 2026 में लेंगे हिस्सा
राष्ट्रपति मैक्रों 18 फरवरी को नई दिल्ली पहुंचेंगे और दोपहर करीब 1 बजे भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 में भाग लेंगे।
इस समिट में AI, नई तकनीक, डिजिटल सहयोग, इनोवेशन और वैश्विक नीति जैसे विषयों पर चर्चा होगी। वहीं, मुख्य समिट के उद्घाटन समारोह में 19 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ कई वैश्विक नेताओं की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है।
भारत-फ्रांस रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा भारत और फ्रांस के बीच भरोसे, सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
दोनों नेता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता, और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक संबंधों को एक नए स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।