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ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, भारत के पास सिर्फ 25 दिन का तेल स्टॉक; क्या बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Iran ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को बंद कर दिया है।

इस फैसले का असर कई देशों पर पड़ सकता है, खासकर उन देशों पर जो मध्य पूर्व से तेल आयात करते हैं। इनमें India भी शामिल है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत के पास फिलहाल करीब 25 दिनों का कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक मौजूद है।

सरकार कर रही स्थिति की निगरानी

तनावपूर्ण हालात के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ बैठक की।

बैठक में कच्चे तेल, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। सरकार का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।

मंत्रालय 24×7 कंट्रोल रूम के जरिए स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है।

भारत के लिए क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

Strait of Hormuz दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग माना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है।

दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल और 25% प्राकृतिक गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है।

यह जलमार्ग उत्तर में Iran और दक्षिण में Oman तथा United Arab Emirates के बीच स्थित है।

भारत पर क्या असर पड़ेगा

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

  • भारत का करीब 40% कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है
  • भारत के 50% से ज्यादा LNG आयात इसी मार्ग से होते हैं

विशेष रूप से Qatar से आने वाले LNG का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

अगर यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो भारत को रूस, अफ्रीका या अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ाना पड़ सकता है। हालांकि इससे लागत बढ़ने की संभावना है।

बढ़ सकती है महंगाई

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल आपूर्ति बाधित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई दर और परिवहन लागत पर पड़ सकता है।

फिलहाल सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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