राजधानी दिल्लीराजनीती ब्रेकिंग न्यूज़

लोकसभा में सोमवार को लाया जाएगा ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव, BJP और कांग्रेस ने जारी किया व्हिप!

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही लोकसभा में बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पद से हटाने का प्रस्ताव सदन में पेश किया जाएगा।

इस प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

कार्यसूची में शामिल किया गया प्रस्ताव

लोकसभा की सोमवार की कार्यसूची में स्पीकर को हटाने से जुड़े विपक्षी प्रस्ताव को सूचीबद्ध किया गया है। यह नोटिस बजट सत्र के पहले चरण के दौरान विपक्षी दलों की ओर से दिया गया था।

संविधान के नियमों के अनुसार, जब स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव आता है तो वे सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। इस दौरान Om Birla सांसदों के बीच बैठ सकते हैं और अपने पक्ष में सफाई भी दे सकते हैं।

विपक्ष का आरोप: चर्चा में भेदभाव

विपक्षी दलों ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

विपक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ने विपक्ष के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया।

118 विपक्षी सांसदों ने दिया नोटिस

सूत्रों के अनुसार करीब 118 विपक्षी सांसदों ने स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

यह नोटिस कांग्रेस सांसद K. Suresh की ओर से लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया था। इस प्रस्ताव को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है, हालांकि कुछ दलों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए।

प्रस्ताव पर क्या है संवैधानिक नियम?

भारतीय संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए सदन में साधारण बहुमत से प्रस्ताव पारित होना जरूरी होता है।

इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 94 और अनुच्छेद 96 में प्रावधान किए गए हैं।

प्रक्रिया के तहत:

  • प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम दो सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं
  • नोटिस लोकसभा महासचिव को दिया जाता है
  • जांच के बाद प्रस्ताव 14 दिन बाद सदन में लाया जा सकता है
  • बहुमत मिलने पर स्पीकर को पद छोड़ना पड़ता है

इतिहास में पहले भी आए ऐसे प्रस्ताव

लोकसभा के इतिहास में स्पीकर के खिलाफ पहले भी कई बार ऐसे प्रस्ताव लाए गए हैं।

अतीत में G. V. Mavalankar, Hukam Singh और Balram Jakhar को भी ऐसे प्रस्तावों का सामना करना पड़ा था।

हालांकि अब तक किसी भी स्पीकर को इस प्रक्रिया के जरिए पद से नहीं हटाया गया है।

Related posts

US ट्रेड डील पर प्रियंका गांधी का हमला, बोलीं- क्या मोदी सरकार कृषि क्षेत्र अमेरिका के लिए खोल रही है?

News Author

UP News: UGC बिल विरोध के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान, बोले- “अयोध्या के बाद काशी-मथुरा भी हारेंगे”

News Author

देश में नहीं है पेट्रोल-डीजल की कोई कमी, सोशल मीडिया पर फैली खबरें निकलीं फर्जी!

News Author

Leave a Comment