मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा देशभर को झकझोर देने वाला है। 30 अप्रैल की शाम एक आम सैर अचानक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई। तेज आंधी और खराब मौसम के बीच क्रूज पलट गया, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक मौसम बदला। तेज हवाएं चलने लगीं और डैम में ऊंची लहरें उठने लगीं। क्रूज डगमगाने लगा और देखते ही देखते पलट गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग सीधे पानी में गिर गए, जबकि कुछ क्रूज के अंदर ही फंस गए।
सुरक्षा में बड़ी चूक
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। आरोप है कि कई यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। हादसे के वक्त जैकेट बांटी गईं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिन लोगों ने जैकेट पहनी, उनकी जान बच गई।
ओवरलोडिंग का आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्रूज में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। कुछ यात्रियों के बिना टिकट चढ़ने की भी बात सामने आई है। अगर यह आरोप सही साबित होता है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना के तुरंत बाद SDRF, NDRF, पुलिस और गोताखोरों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। रात के अंधेरे में ऑपरेशन में दिक्कत आई, जिसके बाद सेना को भी बुलाया गया। फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है।
संभावित कारण
प्राथमिक जांच में तीन मुख्य कारण सामने आए हैं:
- अचानक मौसम परिवर्तन
- ओवरलोडिंग
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी
बताया जा रहा है कि उस समय 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं।
प्रशासन का एक्शन
घटना के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। साथ ही पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
देश में इससे पहले भी कई नाव हादसे हो चुके हैं, जिनमें ओवरलोडिंग और सुरक्षा की कमी प्रमुख कारण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त नियमों का पालन ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।