मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। ठाकुरद्वारा इलाके के एक ज्वैलर्स व्यापारी ने नगर पालिका अध्यक्ष और बसपा नेता इरफान सैफी पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। व्यापारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी चर्चा तेज हो गई है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
चार महीने से दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित व्यापारी अवनीश सिंघल का कहना है कि पिछले करीब चार महीनों से उन पर लगातार पैसों का दबाव बनाया जा रहा था। व्यापारी के मुताबिक, वह अपने बाजार स्थित दुकान पर निर्माण कार्य करा रहे थे, लेकिन इस दौरान बार-बार रुकावट डाली जाती रही।
उनका आरोप है कि पैसे न देने पर अलग-अलग तरीके से परेशान किया गया। कभी निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी दी गई, तो कभी मौके पर पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।
50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप
व्यापारी के अनुसार, बसपा नेता अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब उन्होंने रकम देने से इंकार किया, तो कथित तौर पर दबाव और बढ़ा दिया गया।
इस आरोप ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है। बाजार के अन्य दुकानदार भी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं।
दुकान के सामने टिन का खोखा रखवाने से बढ़ा विवाद
मामला उस वक्त और ज्यादा गरमा गया जब नगर पालिका के कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंचे और व्यापारी की दुकान के सामने टिन का खोखा रखवा दिया गया।
बताया जा रहा है कि इससे व्यापारी का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के दुकानदारों ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया, जिसके बाद काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
वीडियो भी आया सामने
पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मौके पर बहस, तनाव और हंगामे जैसी स्थिति साफ देखी जा सकती है।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना के बाद पीड़ित व्यापारी अवनीश सिंघल ने कोतवाली ठाकुरद्वारा में लिखित तहरीर दी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने इरफान सैफी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एफआईआर में रंगदारी मांगने, दबाव बनाने और निर्माण कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।