पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राज्य एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की आग में झुलसता दिखाई दे रहा है। विपक्ष के बड़े चेहरे और मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या ने पूरे बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या हमलावरों का असली निशाना सुवेंदु अधिकारी थे? शुरुआती जांच और हमले की पूरी प्लानिंग कई बड़े संकेत दे रही है।
विधानसभा बोर्ड लगी स्कॉर्पियो बनी निशाना
जानकारी के मुताबिक जिस सफेद स्कॉर्पियो पर हमला हुआ, उस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा का बोर्ड लगा हुआ था। हमलावरों ने इसी गाड़ी को देखकर उसे सुवेंदु अधिकारी की कार समझ लिया।
बताया जा रहा है कि हमलावर काफी देर से गाड़ी का पीछा कर रहे थे। अचानक एक कार ने स्कॉर्पियो को ओवरटेक कर रास्ता रोक लिया। इसके तुरंत बाद 4 बाइक पर सवार 8 शूटर पहुंचे और कार की खिड़कियों से सटाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
12 गोलियां, प्रोफेशनल प्लानिंग और बड़ा शक
जांच एजेंसियों के अनुसार हमलावरों ने करीब 12 राउंड फायर किए। जिस तरह से पूरी वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं थी।
एक सामान्य PA की हत्या के लिए इतनी बड़ी साजिश, कई गाड़ियों का इस्तेमाल और प्रोफेशनल शूटर्स की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। सूत्रों का मानना है कि हमला सुवेंदु अधिकारी को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन कार में उनके PA होने की वजह से प्लान बदल गया।
सुवेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
घटना के बाद सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि हमला असल में उन पर किया जाना था। उन्होंने कहा कि उनके करीबी सहयोगी ने उनकी जगह अपनी जान गंवा दी।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है, जबकि राज्य सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इनसाइडर कनेक्शन की भी जांच
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक हमलावरों को गाड़ी की लोकेशन और मूवमेंट की पूरी जानकारी थी। इससे शक गहरा गया है कि किसी इनसाइडर ने पल-पल की सूचना हमलावरों तक पहुंचाई।
अब जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और CCTV फुटेज खंगाल रही हैं। इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस ने बंगाल की राजनीति को और ज्यादा गरमा दिया है।
राजनीतिक हिंसा पर फिर उठे सवाल
बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।