पश्चिम बंगाल

ED Raid in Kolkata: आई-पैक पर छापे के दौरान मौके पर पहुंचीं ममता बनर्जी, बीजेपी बोली– बंगाल के लिए काला दिन

पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीतिक सलाहकार कंपनी आई-पैक (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर पहुंच गईं। यह घटनाक्रम न सिर्फ असाधारण था, बल्कि इसने सत्ता और जांच एजेंसियों के टकराव को खुलकर सामने ला दिया।

“ईडी हमारे राजनीतिक दस्तावेज उठा रही थी” – ममता का आरोप

ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर दावा किया कि ईडी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े

  • हार्ड डिस्क
  • मोबाइल फोन
  • उम्मीदवारों की सूची
  • पार्टी के अंदरूनी रणनीतिक दस्तावेज

जब्त करने की कोशिश की। ममता ने प्रतीक जैन को अपनी पार्टी का आईटी चीफ बताया और छापेमारी को राजनीति से प्रेरित और असंवैधानिक करार दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“मैं उन्हें (हार्ड डिस्क और दस्तावेज) वापस ले आई हूं। क्या किसी आईटी कंपनी से इस तरह डेटा लेना अपराध नहीं है? क्या यह लोकतंत्र की हत्या नहीं है?”

“बीजेपी चुनाव नहीं जीत सकती तो एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही”

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह लोकतांत्रिक तरीके से बंगाल में जीत नहीं पा रही, इसलिए ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कहा,

“अगर अमित शाह में हिम्मत है तो चुनाव लड़कर बंगाल जीतें। एजेंसियों के ज़रिए हमारा डेटा, हमारी रणनीति और हमारे वोटर लूटे जा रहे हैं।”

टीएमसी का आरोप: चुनाव से पहले ‘डेटा चोरी’ की साजिश

टीएमसी नेता कुनाल घोष ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव से ठीक पहले पार्टी के कैंपेन ब्लूप्रिंट को हासिल करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि

  • किस ज़िले में किस गांव में अभियान चलेगा
  • कौन-कौन टीम में होगा
  • चुनावी रणनीति क्या होगी

यह सब जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
टीएमसी ने साफ किया कि वह जांच के खिलाफ नहीं है, लेकिन समय और मंशा पर गंभीर सवाल हैं।

बीजेपी का पलटवार: “छिपाने को कुछ नहीं तो CM क्यों पहुंचीं?”

बीजेपी ने इस घटनाक्रम को “बंगाल के लिए ब्लैक डे” बताया।
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा,

“संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति जांच स्थल से फाइलें और सबूत क्यों हटवाएगा? वह किसे बचाना चाहता है?”

बीजेपी ने एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि

“एक मौजूदा मुख्यमंत्री का जांच स्थल पर जाकर पार्टी की हार्ड डिस्क ले जाना केवल स्थिति संभालना नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।”

ईडी का जवाब: “राजनीतिक कार्यालय पर कोई छापा नहीं”

ईडी ने स्पष्ट किया कि

  • किसी राजनीतिक दल के कार्यालय पर छापा नहीं मारा गया
  • यह कार्रवाई कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में हुई
  • अनूप माजी के नेतृत्व वाले कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़े सबूतों के आधार पर छापेमारी की गई

ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री, पुलिस और प्रशासन के पहुंचने के बाद फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटाए गए
एजेंसी ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई का चुनाव से कोई संबंध नहीं है।

अब सड़कों पर उतरेगी टीएमसी

इस पूरे विवाद के बीच टीएमसी ने ऐलान किया है कि ममता बनर्जी शुक्रवार दोपहर 2 बजे बीजेपी और केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ रैली निकालेंगी।
बंगाल की राजनीति अब पूरी तरह आमने-सामने की लड़ाई में बदल चुकी है।

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