मुरादाबाद। सिविल लाइन क्षेत्र स्थित श्रम विभाग कार्यालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अचानक विभाग की तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और कूदने की धमकी देने लगा। युवक की इस हरकत से पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँच गए।
क्या है पूरा मामला?
युवक ने अपना नाम लोकेश बताया और आरोप लगाया कि श्रम विभाग में कार्यरत दुष्यंत नाम के कर्मचारी/अधिकारी ने उससे लंबे समय से घूस मांगी। लोकेश ने बताया कि उसकी पत्नी के श्रम कार्ड पर बच्चे के जन्म पर मिलने वाली 25,000 रुपये की सरकारी सहायता के लिए वह दो बार आवेदन कर चुका है, लेकिन हर बार रिश्वत की मांग कर उसे परेशान किया गया और जानबूझकर आवेदन निरस्त कर दिया गया।

फायर ब्रिगेड को भी रोकने की चेतावनी
जैसे ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर आगे बढ़ी, युवक ने ऊपर से धमकी देते हुए कहा कि गाड़ी को पास न आने दिया जाए, वरना वह छलांग लगा देगा। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और स्थानीय लोग उसे समझाते रहे, लेकिन वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा।
उपश्रमायुक्त ने की समझाइश, तब रुका ड्रामा
आखिरकार मामला तब शांत हुआ जब उपश्रमायुक्त दीप्तिमान भट्ट स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक को आश्वासन दिया कि उसका काम आज ही किया जाएगा और उसकी समस्या का समाधान प्राथमिकता से होगा। इसके बाद पुलिस की मदद से युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
घूसखोरी पर बड़ा खुलासा?
इस घटना ने श्रम विभाग में कथित रूप से चल रही घूसखोरी और भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पीड़ित युवक ने कहा कि विभाग में बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ।
मुख्य बिंदु
- युवक श्रम विभाग की तीसरी मंजिल पर चढ़ गया
- कर्मचारी पर घूस मांगने के गंभीर आरोप
- 25,000 रुपये की सरकारी सहायता के आवेदन को बार-बार निरस्त किया गया
- डेढ़ घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
- उपश्रमायुक्त के आश्वासन पर युवक उतरा नीचे