पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति, वरिष्ठ अधिवक्ता और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक, प्रशासनिक और कानूनी जगत में गहरा शोक फैल गया है। देश सेवा, संवैधानिक समझ और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की वजह से स्वराज कौशल को हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जानकारी दी कि स्वराज कौशल का निधन 4 दिसंबर 2025 को हुआ। उनका अंतिम संस्कार आज ही शाम लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। भाजपा नेता सतीश उपाध्याय ने कहा कि कौशल का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वह दिवंगत सुषमा स्वराज के पति और सांसद बांसुरी स्वराज के पिता थे।
राज्यपाल, सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता—स्वराज कौशल की बहुमुखी पहचान
स्वराज कौशल एक अत्यंत सम्मानित कानूनी विशेषज्ञ थे। वे मिजोरम के राज्यपाल, राज्यसभा सांसद और देश के प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ताओं में शामिल रहे। कानून और राज्य व्यवस्था में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
उनकी ईमानदारी, सरलता और संवैधानिक समझ ने उन्हें राजनीतिक व न्यायिक दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई।
राष्ट्रभर से नेताओं ने जताया शोक
मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्वराज कौशल के निधन से मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वराज कौशल का प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण अविस्मरणीय है।
देश की राजनीति और न्यायपालिका में बड़ा खालीपन
स्वराज कौशल का जाना भारतीय राजनीति, न्यायपालिका और सार्वजनिक जीवन के लिए बहुत बड़ी क्षति है। सुषमा स्वराज के साथ उनकी जोड़ी हमेशा देश के लोगों के दिलों में एक आदर्श परिवार के रूप में याद की जाएगी।
उनकी विरासत बांसुरी स्वराज, और देशभर के उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी जो सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सेवा को सर्वोच्च मानते हैं।