आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अब तक करीब 1500 लोगों से ठगी की है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड और दिल्ली तक सक्रिय था।
फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट बनाकर करता था ठगी
अपर पुलिस उपायुक्त (एसीपी) आदित्य ने बताया कि आरोपी अजय ने एक ऐसी वेबसाइट तैयार की थी, जो दिखने में पूरी तरह वैध क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसी लगती थी। वेबसाइट पर निवेशकों की रकम को कई गुना बढ़ता हुआ दिखाया जाता था, जिससे लोगों को मुनाफे का भ्रम होता और उनका भरोसा बना रहता।
लग्जरी होटलों में सेमिनार कर फंसाता था लोग
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को झांसे में लेने के लिए बड़े-बड़े होटलों में सेमिनार आयोजित करता था। इन सेमिनारों में वह कुछ चुनिंदा लोगों को उनकी निवेश की गई रकम कई गुना बढ़ाकर वापस करता हुआ दिखाता था, ताकि बाकी लोग भी प्रभावित होकर लाखों रुपये निवेश कर दें।
डेटा दिखाकर बढ़ाता था भरोसा
आरोप है कि फर्जी वेबसाइट पर सभी निवेशकों का डाटा अपलोड रहता था, जहां उनकी रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती थी। इसी के जरिए आरोपी लोगों का भरोसा जीतकर लंबे समय तक ठगी करता रहा।
छह आरोपी अभी भी फरार
पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह के छह अन्य सदस्य अभी फरार हैं। एसीपी आदित्य ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
तीन राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में सैकड़ों लोगों को क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगा है। पुलिस मामले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अनजान वेबसाइटों और ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर निवेश न करें। किसी भी क्रिप्टो या ऑनलाइन निवेश से पहले उसकी वैधता और पंजीकरण की पूरी जांच जरूर करें।
कीवर्ड्स: Agra Crypto Scam, क्रिप्टो करेंसी ठगी, आगरा साइबर अपराध, Crypto Fraud India, फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट, ऑनलाइन निवेश ठगी
डिस्क्लेमर: यह खबर पीटीआई-भाषा की फीड पर आधारित है। ड्रीम संकल्प न्यूज़ ने इस समाचार का स्वतंत्र संपादन नहीं किया है।