लखनऊ। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जातीय समीकरण साधने और संगठन को मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने अपने बड़े नेताओं को सीधे मैदान में उतारने का फैसला लिया है।
मायावती के निर्देश पर राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और विधायक उमाशंकर सिंह अब प्रदेशभर में दौरे करेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर संगठन को सक्रिय करेंगे।
शनिवार को माल एवेन्यू स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय में हुई प्रदेशस्तरीय विशेष बैठक में मायावती ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और चुनावी दौरे शुरू करने के संकेत दिए। बैठक में आकाश आनंद भी मौजूद रहे।
बैठक में यह भी तय हुआ कि संशोधित मतदाता सूची के आधार पर बूथ और सेक्टर कमिटियों का पुनर्गठन किया जाएगा। पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने पर रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक जातीय रणनीति के तहत ब्राह्मण बहुल जिलों में सतीश चंद्र मिश्र, ओबीसी और अति पिछड़ा क्षेत्रों में विश्वनाथ पाल, और क्षत्रिय बाहुल्य इलाकों में उमाशंकर सिंह दौरे करेंगे। वहीं आकाश आनंद पूरे प्रदेश में जाकर संगठनात्मक बैठकें करेंगे।
बैठक में मायावती ने ब्राह्मण समाज की उपेक्षा, असुरक्षा और अपमान को लेकर चिंता जताई। साथ ही पार्टी के भीतर मुस्लिम समाज को जोड़ने की कोशिशें भी तेज बताई जा रही हैं। हाल के दिनों में कई मुस्लिम नेताओं के बसपा में शामिल होने से राजनीतिक चर्चाएं बढ़ गई हैं।