बांग्लादेश इन दिनों भीषण हिंसा, राजनीतिक अस्थिरता और कट्टरपंथी उभार के दौर से गुजर रहा है। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद अंतरिम सत्ता संभालने वाले मोहम्मद यूनुस से देश और दुनिया को हालात सामान्य करने की उम्मीद थी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने अपनी ऊर्जा भारत-विरोधी एजेंडे को हवा देने में लगा दी। खासतौर पर सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Chicken Neck) और भारत के पूर्वोत्तर के सात राज्यों को लेकर दिए गए संकेतों ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है।
हिंसा और अराजकता की गिरफ्त में बांग्लादेश
छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हिंसा, आगजनी और लूटपाट तेज हो गई है। राजधानी ढाका तक में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों और भारत-विरोधी भावनाओं को भड़काने के प्रयासों की भी रिपोर्ट सामने आ रही हैं। अंतरिम सरकार हालात संभालने में विफल मानी जा रही है, वहीं चुनाव कराने को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है।
चिकन नेक क्यों है भारत के लिए बेहद अहम
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, भारत को उसके पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला जीवनरेखा समान गलियारा है। इसके आसपास भारत के अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
बांग्लादेश सीमा से 80–100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हासीमारा एयरफोर्स स्टेशन रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हासीमारा एयरफोर्स स्टेशन की अहमियत:
- सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बेहद पास स्थित
- राफेल फाइटर जेट स्क्वाड्रन की तैनाती
- S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की मौजूदगी
- ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का डिप्लॉयमेंट
- अन्य फाइटर जेट्स और कॉम्बैट हेलीकॉप्टर्स
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ने की कोई कोशिश होती है, तो भारत की सैन्य क्षमता किसी भी खतरे का त्वरित और निर्णायक जवाब देने में सक्षम है।
भारत के जबड़े में क्यों है बांग्लादेश की गर्दन
भौगोलिक दृष्टि से बांग्लादेश लगभग 90% सीमा पर भारत से घिरा है। भारत की सैन्य ताकत—
- राफेल की गति ~2000 किमी/घंटा
- ब्रह्मोस की गति ~3700 किमी/घंटा
इन क्षमताओं के मद्देनज़र, किसी भी उकसावे का परिणाम बांग्लादेश के लिए गंभीर हो सकता है। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘चिकन नेक’ को बाधित करने जैसे विचार पहले पूरे क्षेत्र की स्थिरता को दांव पर लगा देंगे।
यूनुस के चीन और पाकिस्तान संकेतों ने बढ़ाई चिंता
आरोप है कि अप्रैल में चीन यात्रा के दौरान यूनुस ने चीन की आर्थिक भागीदारी को भारत के पूर्वोत्तर तक बढ़ाने की बात कही, जिसे रणनीतिक हलकों में बीजिंग को खुला निमंत्रण माना गया।
अक्टूबर 2025 में एक पाकिस्तानी जनरल को भेंट की गई पुस्तक में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दर्शाने वाले नक्शे ने विवाद और बढ़ा दिया।
‘7 सिस्टर्स’ को अलग करने के बयान पर भारत सख्त
हाल में बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता के बयान—जिसमें भारत-विरोधी ताकतों को शरण देने और ‘7 सिस्टर्स’ को अलग करने की बात कही गई—पर भारत ने बांग्लादेशी उच्चायुक्त को तलब कर कड़ा संदेश दिया।
पूर्वोत्तर के जिन राज्यों की सीमा बांग्लादेश से लगती है—असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम—उनकी रणनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए भारत किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं कर सकता।