उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप की तस्करी से जुड़े कोडीन सिरप कांड में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि लखनऊ स्थित एक फार्मा फर्म से भी कोडिनयुक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी की गई। यह ‘मौत की दवा’ प्रदेश के कई शहरों में नशे के लिए बेची गई। मामले में औषधि निरीक्षक ने इंदिरानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
लखनऊ की फर्म पर दर्ज हुई FIR
औषधि निरीक्षक विवेक कुमार सिंह की तहरीर पर मेसर्स कान्हा फार्मास्युटिकल्स के संचालक आरुष सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि साजिश के तहत नियमों को ताक पर रखकर कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई अलग-अलग जिलों में की गई, जिससे नशे का अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा।
11,783 शीशी कोडिनयुक्त सिरप की खरीद
एफआईआर के मुताबिक, जांच में पता चला कि कान्हा फार्मास्युटिकल्स ने
1 अप्रैल 2024 से 31 अक्टूबर 2024 के बीच
11,783 शीशी कोडिनयुक्त कफ सिरप की खरीद की थी। यह सिरप मेसर्स आर्षिक फार्मास्युटिकल्स प्रा. लि. और मेसर्स इधिका लाइफसाइंसेज से लिया गया था, जिसे बाद में अवैध रूप से बाजार में बेचा गया।
रायबरेली और कानपुर से भी हुई सप्लाई
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हुई जांच में रायबरेली के औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि
मेसर्स अजय फार्मा, रतापुर (रायबरेली) से भी बड़ी मात्रा में सिरप की सप्लाई कान्हा फार्मास्युटिकल्स को की गई।
इसके अलावा कानपुर की फर्मों—
- मेसर्स मेडिसीना हेल्थकेयर, कोपरगंज
- मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स, बिरहाना रोड
से भी सिरप खरीदे जाने की पुष्टि हुई है।
दस्तावेजों के साथ पेश नहीं हुआ संचालक
औषधि प्रशासन के अनुसार, आरोपी आरुष सक्सेना को कई बार नोटिस भेजकर दस्तावेजों के साथ तलब किया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। पोर्टल पर दर्ज पते पर जब टीम पहुंची तो वहां एक जनरल स्टोर मिला। पूछताछ में सामने आया कि दुकान के मालिक दुबई में रहते हैं और आरोपी चार-पांच महीने पहले ही दुकान खाली कर चुका था।
महंगे दामों में बेची गई ‘मौत की दवा’
जांच में आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग जिलों से कम दामों पर कफ सिरप खरीदा और फिर उसे नशे के लिए महंगे दामों पर बेचा। आरोपी के सहयोग न करने के चलते क्रय-विक्रय का पूरा सत्यापन नहीं हो सका है। पुलिस अब उसके ठिकानों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
बढ़ेंगी NDPS एक्ट की धाराएं
कोडीन सिरप तस्करी से जुड़े मामलों में अब NDPS एक्ट की धाराएं और सख्त की जाएंगी। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज एफआईआर में भी नई धाराएं जोड़ी जाएंगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद पुलिस और एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।