भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर पाकिस्तान की खतरनाक साजिश सामने आई है। ड्रोन के जरिए भारत में ड्रग्स, हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई कर देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। न्यू ईयर से पहले पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।
ड्रोन के जरिए भारत में फैलाया जा रहा जहर
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से उड़ाए जा रहे ड्रोन भारत की सरहद में नशे की खेप और हथियार गिरा रहे हैं। इसका मकसद सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना है। खुफिया इनपुट के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क D कंपनी और ISI के इशारे पर संचालित हो रहा है।
पंजाब के 20 से ज्यादा गांव बने हॉटस्पॉट
पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिले के 20 से ज्यादा गांव ड्रोन रिसीविंग और आगे की सप्लाई के हॉटस्पॉट बन चुके हैं। यहां से ड्रग्स और हथियारों की खेप पंजाब के अन्य शहरों और फिर देश के कई राज्यों तक पहुंचाई जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, ये नेटवर्क 24×7 एक्टिव रहते हैं और सीमावर्ती इलाकों में पहले से तय एजेंट ड्रोन के जरिए आई खेप को रिसीव करते हैं।
पाकिस्तान में चल रही हथियार फैक्ट्रियां
जांच एजेंसियों को यह भी इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान के कई शहरों में अत्याधुनिक हथियार बनाने की फैक्ट्रियां चल रही हैं। यहां तैयार किए गए हथियार ड्रोन के जरिए भारत भेजे जाते हैं। पाकिस्तान खासतौर पर उन युवाओं को निशाना बना रहा है जिन्हें लालच, डर या पैसों के जरिए इस सप्लाई चेन का हिस्सा बनाया जाता है।
युवाओं को नशे में झोंकने की साजिश
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि नशे के जरिए भारत की युवा पीढ़ी को कमजोर करने की साजिश है। ड्रग्स से मिलने वाला पैसा आतंक और अपराध को फंड करने में इस्तेमाल किया जा रहा है।
वीडियो में दिखी पूरी साजिश
सामने आए वीडियो में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए की जा रही इस साजिश का पूरा माजरा दिखाई देता है—कैसे सीमापार से ड्रोन उड़ते हैं, खेप गिराई जाती है और फिर एजेंट्स के जरिए उसे आगे सप्लाई किया जाता है।
🔍 निष्कर्ष
ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियार भेजना पाकिस्तान की नई छद्म युद्ध रणनीति (Proxy War) का हिस्सा है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं, लेकिन यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्पष्ट है—पाकिस्तान की यह साजिश सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला है।