Russia Deploys Oreshnik Hypersonic Missile:
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जहां शांति वार्ता की उम्मीदें जताई जा रही थीं, वहीं हालिया घटनाक्रम ने हालात को फिर से विस्फोटक बना दिया है। रूस का दावा है कि यूक्रेन की ओर से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाकर 90 से अधिक ड्रोन छोड़े गए। इसके बाद रूस ने अपनी सबसे खतरनाक हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरेश्निक’ को यूरोप की सीमा के करीब तैनात कर दिया है।
बेलारूस में तैनात हुई रूसी ओरेश्निक मिसाइल
बेलारूस ने आधिकारिक वीडियो जारी कर पुष्टि की है कि रूसी Oreshnik Hypersonic Missile System को उसके क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। वीडियो में मोबाइल लॉन्चर, सैन्य काफिले और जंगलों में छिपाई जा रही मिसाइल यूनिट्स साफ दिखाई देती हैं। बेलारूस के रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस मिसाइल सिस्टम को कॉम्बैट ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
पुतिन पर ड्रोन हमले से क्यों भड़का रूस?
रूस का कहना है कि हालिया ड्रोन हमले सीधे उसके शीर्ष नेतृत्व और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश थे। हालांकि यूक्रेन ने इन आरोपों को खारिज किया है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे रूस की डिटरेंस रणनीति और आक्रामक हो गई है। अमेरिका, भारत और चीन जैसे देशों ने भी ड्रोन हमलों पर चिंता जताई है।
क्या है ओरेश्निक मिसाइल?
‘ओरेश्निक’ एक इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे रूस ने पहली बार नवंबर 2024 में टेस्ट किया था।
- रफ्तार: Mach 10 से ज्यादा
- क्षमता: परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम
- खासियत: मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए लगभग इंटरसेप्ट करना असंभव
राष्ट्रपति पुतिन खुद इसे ब्रह्मोस से भी ज्यादा घातक बता चुके हैं।
NATO और यूरोप के लिए सीधा संदेश
विश्लेषकों का मानना है कि बेलारूस में ओरेश्निक की तैनाती से यूरोप के कई अहम ठिकाने अब रूस की सीधी पहुंच में आ गए हैं। इसे NATO देशों के लिए कड़ी चेतावनी माना जा रहा है, खासकर उन देशों के लिए जो यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार दे रहे हैं।
आगे क्या बढ़ेगा टकराव?
पुतिन पर ड्रोन हमले और उसके तुरंत बाद मिसाइल तैनाती यह संकेत देती है कि रूस अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर परमाणु डिटरेंस पर ज्यादा भरोसा कर रहा है। आने वाले दिनों में रूस-पश्चिम तनाव और गंभीर मोड़ ले सकता है।