नई दिल्ली। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट आज पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर अहम फैसला सुना सकती है। इस फैसले पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल शेयर बाजार, सोना-चांदी की कीमतों और निवेशकों की रणनीति पर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार रात) इस मामले में अंतिम आदेश दे सकती है। यदि अदालत ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी करार देती है, तो यह ट्रंप के लिए बड़ा झटका होगा और बाजारों में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
क्या है पूरा मामला
डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को भारत समेत कई देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% से 50% तक टैरिफ लगाया था। इसे उन्होंने “लिबरेशन डे” का नाम दिया था। इस फैसले को लेकर अमेरिकी अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिस पर आज अंतिम सुनवाई मानी जा रही है।
ट्रेडर्स और बाजार विशेषज्ञों के बीच अनुमान है कि करीब 70% संभावना है कि कोर्ट टैरिफ को अवैध घोषित कर सकती है।
शेयर बाजार पर क्या होगा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर टैरिफ पूरी तरह खत्म होते हैं तो यह वैश्विक व्यापार के लिए राहत की खबर होगी।
- भारतीय शेयर बाजार में तेज उछाल देखने को मिल सकता है
- आईटी, मेटल, ऑटो और फार्मा सेक्टर को फायदा हो सकता है
- विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है
बाजार रणनीतिकारों का मानना है कि लंबे समय से दबाव में चल रहे शेयर बाजार को नई ऊर्जा मिल सकती है।
सोने की कीमतों पर क्या पड़ेगा असर
वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर-बॉन्ड मार्केट में उतार-चढ़ाव के कारण सोने में पहले से ही तेजी बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,300–4,400 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रह सकता है
- भारत में सोने की कीमत ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम तक रह सकती है
- अगर बाजार में ज्यादा हलचल हुई तो सोना 4,500–4,700 डॉलर और घरेलू स्तर पर ₹1.40–1.50 लाख तक भी जा सकता है
चांदी पर कैसा होगा रिएक्शन
चांदी की कीमतों पर फैसला मिला-जुला असर डाल सकता है।
- टैरिफ हटने पर औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है
- इससे चांदी की कीमतें ₹2.5 लाख प्रति किलो से नीचे भी आ सकती हैं
- हालांकि, अगर अमेरिका-चीन ट्रेड डील में देरी होती है, तो चांदी में फिर उछाल संभव है
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
- शॉर्ट टर्म में बाजार में तेज वोलैटिलिटी संभव
- लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए मौके बन सकते हैं
- सोना-चांदी में निवेश करने वालों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह