होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद जहां वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है, वहीं अब ईरान की ओर से नरम बयान सामने आया है। भारत में ईरान के सर्वोच्च प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि भारत-ईरान संबंध मजबूत हैं और उम्मीद जताई कि यह विवाद जल्द सुलझ जाएगा।
फायरिंग पर ईरानी प्रतिनिधि का बयान
हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान डॉ. इलाही ने कहा कि उन्हें इस घटना की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं और दोनों देश किसी भी विवाद को बातचीत से सुलझाने में सक्षम हैं।
“हम युद्ध नहीं चाहते, शांति चाहते हैं”
अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव पर बोलते हुए ईरानी प्रतिनिधि ने साफ कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना जरूरी है और सभी पक्षों को कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहिए।
🇮🇳 भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में ईरानी राजदूत को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। विदेश सचिव ने इस मामले में गहरी चिंता जताते हुए ईरान को याद दिलाया कि पहले भी उसने भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने में सहयोग किया है।
क्या हुआ था होर्मुज में?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में दो भारतीय जहाजों—‘जग अर्णव’ और ‘सन्मार हेराल्ड’—को निशाना बनाया गया।
बताया गया कि IRGC की गनबोट्स बिना चेतावनी के पास आईं और गोलीबारी शुरू कर दी।
हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी जहाज या चालक दल को गंभीर नुकसान नहीं हुआ।
बढ़ते तनाव के बीच राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस बयान से स्थिति को शांत करने का संकेत मिलता है।
अगर दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहता है, तो यह विवाद जल्द सुलझ सकता है और वैश्विक व्यापार पर पड़ने वाला असर भी कम हो सकता है।