नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर हवा का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 428 तक पहुंचने के बाद प्रशासन को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-4) लागू करना पड़ा है। GRAP-4 के लागू होते ही लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर कोई इसके नियमों का उल्लंघन करता है तो क्या सिर्फ जुर्माना लगेगा या जेल की सजा भी हो सकती है।
GRAP-4 क्या है?
GRAP-4 को तब लागू किया जाता है जब प्रदूषण का स्तर ‘Severe Plus’ कैटेगरी में पहुंच जाता है और यह पब्लिक हेल्थ के लिए सीधा खतरा बन जाता है। इस चरण में सामान्य नियमों को नाकाफी मानते हुए आपातकालीन पाबंदियां लगाई जाती हैं।
इसके तहत:
- कुछ कैटेगरी की गाड़ियों पर पूरी तरह रोक
- निर्माण कार्यों पर सख्त प्रतिबंध
- इंडस्ट्रियल एमिशन पर नियंत्रण
- ट्रकों और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
GRAP-4 नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना?
मौजूदा एनफोर्समेंट फ्रेमवर्क के तहत GRAP-4 का उल्लंघन करने पर भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों के सड़क पर चलने पर ₹20,000 तक का जुर्माना
- बिना PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट के वाहन चलाने पर ₹10,000 तक का चालान
- कंस्ट्रक्शन और डस्ट कंट्रोल नियमों के उल्लंघन पर भी भारी पेनल्टी
क्या GRAP-4 तोड़ने पर जेल हो सकती है?
हां, GRAP-4 का उल्लंघन सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं है। इसके तहत जारी निर्देश पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत कानूनी रूप से लागू होते हैं।
इस अधिनियम की धारा 15 के अनुसार:
- नियम तोड़ने पर 5 साल तक की जेल, या
- ₹1 लाख तक का जुर्माना, या
- जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं
सजा की अवधि उल्लंघन की गंभीरता और दोहराव पर निर्भर करती है।
मौके पर कार्रवाई और वाहन जब्ती
GRAP-4 के तहत एनफोर्समेंट एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।
- नियम तोड़ने वाली गाड़ियों को मौके पर ही जब्त किया जा सकता है
- अवैध रूप से दिल्ली में प्रवेश करने वाले ट्रक
- कंस्ट्रक्शन मटीरियल ले जाने वाले वाहन
इन सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे GRAP-4 के नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि प्रदूषण पर काबू पाया जा सके और स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके।