HighLights
- पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने 7 देशों पर कब्जे का दिया विचार
- ट्रंप की ‘कब्जा नीति’ को बताया वैश्विक कैंसर
- सोवियत प्रभाव वाले देशों पर फिर मंडराया खतरा
डिजिटल डेस्क, मॉस्को।
Russia Expansion Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों और कब्जे की रणनीति ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के तेवरों ने यूरोप को असहज कर दिया है। इसी बीच अब रूस को लेकर भी बड़ा दावा सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु माने जाने वाले अलेक्जेंडर दुगिन ने खुले तौर पर 7 देशों पर कब्जा करने का विचार सामने रखकर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
दुगिन ने कहा है कि जिस तरह अमेरिका ग्रीनलैंड पर दावा ठोक रहा है, उसी तर्ज पर रूस भी अपने प्रभाव क्षेत्र में आने वाले देशों पर अधिकार जताने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। उनके इस बयान को ट्रंप के ‘कब्जा कैंसर’ का विस्तार बताया जा रहा है, जो अब अलग-अलग महाशक्तियों की सोच में दिखाई देने लगा है।
किन 7 देशों पर कब्जे की बात?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुगिन ने जिन देशों का नाम लिया है, उनमें आर्मेनिया, जॉर्जिया, अजरबैजान, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं। ये सभी देश कभी सोवियत संघ का हिस्सा रह चुके हैं और आज भी रूस के रणनीतिक प्रभाव क्षेत्र में माने जाते हैं।
पुतिन का क्या है रुख?
हालांकि क्रेमलिन की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार साफ कर चुके हैं कि वे सोवियत संघ को दोबारा खड़ा करने के पक्ष में नहीं हैं। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव भी कह चुके हैं कि ऐसा करना न तो संभव है और न ही रूस की आधिकारिक नीति।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि रूस इन देशों को सीधे कब्जे में लेने के बजाय ‘यूरेशियन यूनियन’ जैसे ढांचे के जरिए अपने प्रभाव में रखना चाहता है, जिससे राजनीतिक और सैन्य नियंत्रण बना रहे लेकिन औपचारिक विलय न हो।
यूक्रेन युद्ध से जुड़ा कनेक्शन
कब्जे की राजनीति की बात करें तो रूस पहले से ही यूक्रेन के साथ जारी युद्ध में बड़े इलाके पर दावा कर चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 तक रूस यूक्रेन की करीब 5,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर चुका है, जिसमें पोक्रोवस्क और वोवचांस्क जैसे अहम इलाके शामिल हैं। डोनबास क्षेत्र के करीब 80% हिस्से पर भी रूसी नियंत्रण का दावा किया जा रहा है, जिसे लेकर शांति वार्ता में पुतिन अड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रंप की तरह रूस भी खुले तौर पर ‘कब्जा नीति’ अपनाता है, तो आने वाले समय में दुनिया एक नए भू-राजनीतिक टकराव के दौर में प्रवेश कर सकती है।