उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस केस में हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे पुलिस जांच और भी जटिल होती जा रही है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस बच्चियों के पिता चेतन कुमार की पूरी पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। इसी जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो इस मामले को केवल एक सामान्य सुसाइड केस से कहीं ज्यादा गंभीर बनाते दिख रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस के हर एंगल को खंगाला जा रहा है—चाहे वह पारिवारिक तनाव हो, आर्थिक संकट, रिश्तों की उलझन या फिर कोई और दबाव। इसी बीच, पिता चेतन कुमार की निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिति को लेकर जो नई बातें सामने आई हैं, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है।
12 साल में कई कारोबार, 3 बैंक खातों से मिला सुराग
पुलिस जांच में यह जानकारी सामने आई है कि चेतन कुमार ने पिछले करीब 12 वर्षों में कई तरह के कारोबार किए थे। यह खुलासा तीन अलग-अलग बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगालने के बाद हुआ है। पुलिस को संदेह है कि चेतन की आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव अचानक नहीं आया, बल्कि इसके पीछे कई वर्षों की गतिविधियां हो सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, चेतन पहले सामान्य तरीके से जीवन जी रहा था और कभी दोपहिया व तीन-चार पहिया वाहनों में चला करता था। लेकिन धीरे-धीरे उसके पास लग्जरी गाड़ियों तक की चर्चा होने लगी। हालांकि, अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
लग्जरी लाइफ से कंगाली तक: किराया 3 महीने से नहीं दिया
पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि चेतन जिस फ्लैट में किराए पर रह रहा था, वहां का किराया पिछले तीन महीनों से बकाया था। यह तथ्य पुलिस के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह आर्थिक संकट और घरेलू तनाव के संकेत दे सकता है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, चेतन की लाइफस्टाइल को लेकर सोसायटी में पहले भी चर्चा होती रही है। लेकिन अब पुलिस की जांच में सामने आया है कि वास्तविकता में वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुका था।
3 शादियां, 3 अलग-अलग कहानियां
गाजियाबाद पुलिस की जांच में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू चेतन की तीन शादियां हैं। पुलिस के अनुसार, चेतन भारत सिटी सोसायटी में सिर्फ एक नहीं, बल्कि तीन पत्नियों के साथ रह रहा था।
पहली पत्नी: सुजाता
पुलिस के मुताबिक चेतन की पहली पत्नी का नाम सुजाता है। उससे चेतन को एक बेटी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है।
दूसरी पत्नी: हीना (सुजाता की सगी बहन)
सबसे ज्यादा चर्चा दूसरी शादी को लेकर हो रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि चेतन की दूसरी पत्नी हीना है, जो सुजाता की सगी बहन बताई जा रही है। हीना से चेतन की दो बेटियां हैं।
यह जानकारी सामने आने के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि एक ही परिवार में बहनों से शादी का मामला सामाजिक तौर पर भी बड़ा विवाद खड़ा करता है।
तीसरी पत्नी: टीना (उम्र 22 साल)
पुलिस के मुताबिक, चेतन की तीसरी पत्नी का नाम टीना है और उसकी उम्र केवल 22 साल है। उससे चेतन की 3 साल की एक बेटी है।
ACP शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के अनुसार, तीसरी पत्नी टीना हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम थी, जिसने साल 2023 में शादी से पहले धर्म परिवर्तन किया।
शादी की टाइमलाइन संदिग्ध, बच्चों की उम्र से विरोधाभास
पुलिस का कहना है कि चेतन द्वारा बताए गए शादी के साल और बच्चों की उम्र में कई विरोधाभास सामने आए हैं। यानी, शादी की समयरेखा स्पष्ट नहीं है और इसी वजह से मामला और संदिग्ध बनता जा रहा है।
पुलिस इस बिंदु को इसलिए भी गंभीरता से देख रही है क्योंकि यह सवाल उठता है कि—
- क्या घर में लंबे समय से तनाव था?
- क्या रिश्तों की जटिलता ने बच्चियों पर मानसिक दबाव बनाया?
- क्या आर्थिक संकट और पारिवारिक विवाद ने स्थिति को और बिगाड़ा?
पहले भी जेल जा चुका है चेतन? हर्ष फायरिंग का मामला
जांच में यह भी बात सामने आई है कि चेतन का नाम पहले हर्ष फायरिंग के मामले में जेल जाने से भी जुड़ चुका है। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उसके पुराने केस का वर्तमान घटना से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
पुलिस की जांच: हर एंगल पर फोकस
गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। तीन नाबालिग बच्चियों की मौत का कारण जानना ही जांच की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पुलिस मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड, बैंक डिटेल, परिवारिक रिश्ते, आसपास के लोगों के बयान और अन्य तकनीकी सबूतों के जरिए पूरी घटना की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल: मौत की वजह क्या थी?
इस केस में सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—
क्या यह सच में आत्महत्या थी, या इसके पीछे कोई बड़ा दबाव, धमकी या साजिश छिपी है?
पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। लेकिन चेतन की निजी जिंदगी, तीन शादियां, आर्थिक उतार-चढ़ाव, संदिग्ध टाइमलाइन और पुराने विवादों ने जांच को एक नए मोड़ पर पहुंचा दिया है।
निष्कर्ष
गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत का मामला सिर्फ एक दुखद घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह अब एक ऐसी जांच बन चुका है जिसमें परिवार, आर्थिक हालात, रिश्तों की जटिलता और संदिग्ध गतिविधियों के कई पहलू जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस लगातार नई जानकारियां जुटा रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस केस की असली सच्चाई सामने आएगी।