मुरादाबाद। महाशिवरात्रि पर्व और कांवड़ यात्रा वर्ष 2026 को देखते हुए मुरादाबाद प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 13.02.2026 की रात से ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है। यह डायवर्जन खास तौर पर भारी मालवाहक वाहनों, रोडवेज बसों और प्राइवेट बसों के लिए निर्धारित किया गया है, ताकि कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई बाधा न आए और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, दूध, फल, सब्जी, गैस और पेट्रोलियम पदार्थ जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को राहत दी गई है, जबकि अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बनाई गई है।
मुरादाबाद से बिजनौर/हरिद्वार जाने वाले भारी वाहनों के लिए बदला मार्ग
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और बिजनौर की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी दबाव रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुरादाबाद से बिजनौर/हरिद्वार आने-जाने वाले भारी मालवाहक वाहन (जैसे ट्रक, ट्रैक्टर आदि) अब शेरुआ, बिजनौर के रास्ते नहीं जाएंगे।
नए निर्धारित मार्ग के अनुसार भारी वाहन अब—
बिलारी → सिरसी → सम्भल → गवां → नरौरा → डिबाई → शिकारपुर → बुलंदशहर → हापुड़ → मेरठ
के रास्ते बिजनौर/हरिद्वार जाएंगे और इसी मार्ग से वापस लौटेंगे।
हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूध, फल, सब्जी, गैस और पेट्रोलियम पदार्थ जैसे जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि बाजार और आम लोगों की जरूरतों पर असर न पड़े।
बिजनौर/हरिद्वार के लिए रोडवेज और प्राइवेट बसों का अलग रूट
यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए मुरादाबाद से बिजनौर/हरिद्वार जाने वाली रोडवेज व प्राइवेट बसों के लिए अलग मार्ग तय किया गया है।
इन बसों का संचालन—
हरपालनगर/लाजपतनगर रोडवेज बस स्टैंड → हनुमान मूर्ति → काशीपुर तिराहा → ठाकुरद्वारा → काशीपुर → जसपुर → भूतपुरी चौराहा (अफजलगढ़) → रहेड़ → शेरकोट → धामपुर → नहटौर
के रास्ते होगा। बसें इसी मार्ग से वापस मुरादाबाद लौटेंगी।
प्रशासन के अनुसार, इससे कांवड़ मार्ग पर भीड़ और जाम की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली और मेरठ की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए सख्त डायवर्जन
महाशिवरात्रि के दौरान दिल्ली व मेरठ की ओर जाने वाले मार्गों पर भी भारी वाहनों की आवाजाही से कांवड़ियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए मुरादाबाद से दिल्ली और मेरठ जाने वाले सभी भारी वाहन अब—
बिलारी → सिरसी → सम्भल → गवां → नरौरा → डिबाई → शिकारपुर → बुलंदशहर → हापुड़ → गाजियाबाद → दिल्ली
के रास्ते जाएंगे।
वहीं मेरठ जाने वाले भारी वाहन—
हापुड़ → मेरठ
मार्ग का उपयोग करेंगे और वापसी भी इसी मार्ग से होगी।
मुरादाबाद से रामपुर की ओर भारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था
रामपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी विशेष रूट तय किया गया है। प्रशासन के अनुसार—
मुरादाबाद से रामपुर आने-जाने वाले सभी भारी वाहन और प्राइवेट/रोडवेज बसें अब—
कुंदरकी → बिलारी → शाहबाद → रामपुर
के रास्ते जाएंगी और वापस भी इसी मार्ग से आएंगी।
इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसों को यह अनुमति दी गई है कि वे नया मुरादाबाद स्थित एमडीए ऑफिस के सामने बने अस्थायी बस स्टैंड का उपयोग कर सकती हैं।
रामपुर से मुरादाबाद आने वाली बसों के लिए दो विकल्प
रामपुर की तरफ से मुरादाबाद आने-जाने वाली रोडवेज और प्राइवेट बसों के लिए प्रशासन ने दो संभावित व्यवस्थाएं बनाई हैं।
सामान्य स्थिति में बसों का रूट:
बसें—
एनएच-09 → दलपतपुर जीरो पॉइंट → काशीपुर तिराहा → प्रेम वंडरलैंड फ्लाईओवर के नीचे बने अस्थायी बस स्टैंड
तक आएंगी और वापस भी इसी मार्ग से जाएंगी।
भीड़ बढ़ने पर वैकल्पिक रूट:
यदि कांवड़ यात्रा के दौरान दबाव अत्यधिक बढ़ता है तो रामपुर से आने वाली रोडवेज बसें—
शाहाबाद → बिलारी → कुंदरकी → अस्थायी बस स्टैंड (आजाद नगर मोड़)
तक आएंगी और वापसी भी इसी मार्ग से होगी।
बिजनौर से आने वाली बसों को भी मिलेगी सुविधा
प्रशासन ने यह भी बताया कि बिजनौर से आने वाली प्राइवेट/रोडवेज बसें—
धामपुर → ठाकुरद्वारा
होते हुए प्रेम वंडरलैंड अस्थायी बस स्टैंड का प्रयोग कर सकेंगी।
साथ ही, ठाकुरद्वारा जाने वाली रोडवेज बसों का बस स्टैंड भी प्रेम वंडरलैंड ही निर्धारित किया गया है।
प्रशासन की अपील: नियमों का पालन करें, यात्रा सुरक्षित बनाएं
कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ष मुरादाबाद समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लाखों श्रद्धालु गुजरते हैं। ऐसे में जरा-सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों, बस संचालकों और आम जनता से अपील की है कि वे डायवर्जन प्लान का पूरी तरह पालन करें, अनावश्यक रूप से कांवड़ मार्ग पर प्रवेश न करें और पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लें।
नोट: भीड़ के अनुसार डायवर्जन समय में बदलाव संभव
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ियों की संख्या और भीड़ की स्थिति के आधार पर डायवर्जन के समय में बदलाव किया जा सकता है। यानी जरूरत पड़ने पर यह डायवर्जन पहले लागू हो सकता है या अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
निष्कर्ष
महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर कांवड़ यात्रा को लेकर मुरादाबाद प्रशासन ने जो ट्रैफिक प्लान तैयार किया है, उसका उद्देश्य साफ है—श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शहर में जाम से राहत और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति। अब जिम्मेदारी आम नागरिकों, वाहन चालकों और परिवहन सेवाओं की भी है कि वे इस व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।