नई दिल्ली/मुंबई: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा (17 से 19 फरवरी 2026) के दौरान भारत और फ्रांस के रिश्तों में बड़ा अपडेट देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच मुंबई में द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद दोनों नेता दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में भी शामिल हुए।
इस दौरे के दौरान भारत और फ्रांस के संबंधों को “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” (Special Global Strategic Partnership) के रूप में अपग्रेड किया गया। इसके साथ ही रक्षा, टेक्नोलॉजी, AI, हेल्थ, स्टार्टअप, क्रिटिकल मिनरल्स, स्किलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में कुल 21 बड़े समझौते और घोषणाएं की गईं।
भारत-फ्रांस के 21 बड़े समझौते (पूरी लिस्ट)
- भारत-फ्रांस संबंध को Special Global Strategic Partnership में अपग्रेड
- वार्षिक विदेश मंत्रियों का संवाद स्थापित
- India-France Innovation Year 2026 का शुभारंभ
- India-France Innovation Network लॉन्च
- कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन
- भारत सरकार और फ्रांस के बीच डिफेंस कोऑपरेशन एग्रीमेंट का नवीनीकरण
- BEL और Safran के बीच HAMMER मिसाइल उत्पादन के लिए जॉइंट वेंचर
- भारतीय सेना और फ्रांसीसी लैंड फोर्सेज में ऑफिसर्स की पारस्परिक तैनाती
- Joint Advanced Technology Development Group का गठन
- Critical Minerals और Metals में सहयोग के लिए संयुक्त घोषणा
- DST और CNRS के बीच Advanced Materials Center के लिए Letter of Intent
- Double Tax Avoidance Agreement में संशोधन प्रोटोकॉल
- T-Hub और Nord France के बीच स्टार्टअप, नवाचार और टेक सहयोग का LoI
- DST और CNRS के बीच Scientific Cooperation के लिए MoU
- Digital Sciences and Technology के लिए Indo-French Center की संयुक्त घोषणा
- AI in Health के लिए Indo-French Center का शुभारंभ (AIIMS, नई दिल्ली)
- DBT और ANRS के बीच Infectious Diseases & Global Health Research पर LoI
- Metabolic Health Sciences के लिए Indo-French Center स्थापित करने का समझौता
- Aeronautics में स्किलिंग के लिए National Centre of Excellence पर LoI
- भारत और फ्रांस के बीच Renewable Energy Cooperation Agreement का नवीनीकरण
- डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स (भारत) और La Poste (France) के बीच Letter of Intent
क्यों अहम हैं ये समझौते?
इन समझौतों का असर सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा। इससे भारत में:
- डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
- मेक इन इंडिया को मजबूती
- AI और हेल्थ टेक्नोलॉजी में नई रिसर्च
- स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम का विस्तार
- क्रिटिकल मिनरल्स में रणनीतिक सुरक्षा
- रिन्यूएबल एनर्जी में नई साझेदारी
जैसे कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।