होर्मुज में बढ़ा समुद्री संकट
Strait of Hormuz में एक बार फिर बड़ा तनाव देखने को मिला है। Iran की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दो बड़े कार्गो जहाजों को फायरिंग के बाद कब्जे में ले लिया, जिनमें से एक जहाज भारत की ओर आ रहा था। इस घटना से वैश्विक समुद्री व्यापार और सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी हो गई हैं।

भारत की ओर जा रहे जहाज पर हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘एपामिनोंडेस’ नाम का कंटेनर जहाज दुबई के जेबेल अली बंदरगाह से Gujarat की ओर जा रहा था। यह जहाज लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। ईरानी बलों ने पहले इसे रोकने के लिए चेतावनी दी, लेकिन आदेश का पालन न करने पर IRGC की गनबोट ने फायरिंग कर दी, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा।
दूसरे जहाज को भी किया जब्त

इसके कुछ समय बाद ‘MSC-फ्रांसेस्का’ नाम के दूसरे जहाज को भी निशाना बनाया गया। यह जहाज ईरान के तट से लगभग 6 नॉटिकल मील की दूरी पर था, जब IRGC ने उसे रोककर कब्जे में ले लिया। सामने आए वीडियो में ईरानी सैनिक जहाज पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कुछ जहाज बचकर निकले
बताया जा रहा है कि ये दोनों जहाज एक बड़े काफिले का हिस्सा थे। हालांकि, काफिले के कुछ अन्य जहाज ट्रांसपोंडर बंद कर चुपचाप होर्मुज पार करने में सफल रहे। इस घटना ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
United States और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह घटना हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में सीजफायर बढ़ाने की घोषणा की है, लेकिन दूसरी ओर ईरान ने नाकेबंदी जारी रखी है।
ईरान के शीर्ष नेता Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि मौजूदा हालात में होर्मुज को पूरी तरह खोलना संभव नहीं है, जबकि राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी कदमों को समझौते का उल्लंघन बताया है।
वैश्विक व्यापार पर मंडरा रहा खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल और व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां इस तरह की घटनाएं वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।