क्राइमराष्ट्रीय

ट्विशा शर्मा मौत मामला: CBI जांच की सिफारिश से परिवार को इंसाफ की उम्मीद!

नोएडा के चर्चित Twisha Sharma Death Case में नया मोड़ सामने आया है। मामले में CBI जांच की सिफारिश होने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद फिर से जगी है। परिजनों का कहना है कि अब निष्पक्ष और गहन जांच के जरिए उन सबूतों को दोबारा जुटाया जा सकेगा जिन्हें कथित तौर पर मिटाने या छिपाने की कोशिश की गई थी।

परिवार का मानना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच करेगी, जिससे सच्चाई सामने आने की संभावना बढ़ गई है। इस मामले को लेकर लंबे समय से न्याय की मांग की जा रही थी।

‘अब निष्पक्ष जांच की उम्मीद’

ट्विशा शर्मा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने कहा कि परिवार शुरू से ही निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा है। उनका कहना है कि मामले में कई अहम सबूतों को खत्म करने की कोशिश हुई थी, लेकिन CBI जैसी एजेंसी पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंच सकती है।

परिवार के अनुसार, यदि जांच सही दिशा में आगे बढ़ती है तो आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार हो सकता है और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।

गिरीबाला की जमानत याचिका पर सुनवाई

मामले में ट्विशा शर्मा की सास गिरीबाला की जमानत याचिका को लेकर भी अदालत में सुनवाई जारी है। परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है।

अब 25 तारीख को अदालत इस बात पर सुनवाई करेगी कि पहले जमानत याचिका क्यों खारिज की गई थी और आगे क्या फैसला लिया जाएगा। इस सुनवाई पर भी परिवार और लोगों की नजर बनी हुई है।

दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग

ट्विशा शर्मा मौत मामले में परिवार ने दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग भी अदालत में रखी है। परिजनों का मानना है कि यदि दोबारा मेडिकल जांच होती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे मामले की सच्चाई उजागर हो सकती है।

परिवार का कहना है कि CBI जांच की सिफारिश से अब उन्हें उम्मीद है कि जिन सबूतों को मिटाने की कोशिश हुई, उन्हें दोबारा इकट्ठा किया जा सकेगा और दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।

अब अगली कार्रवाई पर सबकी नजर

इस हाई प्रोफाइल मामले में अब अदालत और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में अदालत के फैसले और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट इस केस की दिशा तय कर सकती है।

Related posts

होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें सही मुहूर्त और नियम!

News Author

Gen Z को शशि थरूर की सलाह, भारत की आजादी समझनी है तो देखें ‘1947: Brexit India’!

News Author

बीच हवा में बेकाबू हुई फ्लाइट, 4 घंटे तक डर के साये में रहे यात्री!

News Author

Leave a Comment