मुरादाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकारी स्कूलों के बच्चों को बांटी जाने वाली किताबों को कथित तौर पर चोरी कर ले जाने का प्रयास किया गया। हालांकि स्थानीय लोगों और दुकानदारों की सतर्कता के कारण यह पूरा मामला खुल गया और संदिग्ध मौके से फरार हो गए। घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दांग स्कूल परिसर में मिला किताबों से भरा टैम्पो
यह मामला कोर्ट रोड स्थित दांग स्कूल परिसर का है, जहां कार्यालय वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा के पीछे बने कमरों में सरकारी किताबों का जिला स्तरीय गोदाम बनाया गया है। बताया जा रहा है कि दिन के समय एक टैम्पो स्कूल परिसर के अंदर दाखिल हुआ। कुछ देर बाद तेज आवाज में सामान लोड करने की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख संदिग्ध टैम्पो छोड़कर पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गए। जब लोगों ने टैम्पो की जांच की तो उसमें सरकारी स्कूलों में वितरित की जाने वाली किताबें भरी हुई मिलीं।

सूचना के बाद भी देर से पहुंचे शिक्षा विभाग के कर्मचारी
घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और शिक्षा विभाग को दी गई। नागफनी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि करीब डेढ़ घंटे तक शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में पुस्तक विभाग के प्रभारी राजकुमार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मनोज पहुंचे। उन्होंने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि ये किताबें बच्चों के लिए नई नहीं थीं, बल्कि स्कूलों से बचकर वापस आई हुई पुस्तकें थीं। हालांकि वे यह स्पष्ट नहीं कर सके कि किताबें टैम्पो में कैसे पहुंचीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
स्थानीय लोगों का दावा है कि बीती रात भी कुछ लोग ई-रिक्शा से किताबें ले जाने की कोशिश कर रहे थे। टोकने पर वे भी मौके से भाग गए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सरकारी किताबों को निजी स्कूलों या बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
जानकारों का कहना है कि पहले भी सरकारी किताबों की बिक्री और गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही जारी है।

पुलिस और विभाग की अलग-अलग कहानी
नागफनी थाना प्रभारी ने मामले को लेकर अलग दावा किया। उनका कहना है कि जांच में पता चला है कि टैम्पो कई दिनों से स्कूल परिसर में खड़ा था और किसी ने उसमें किताबें भरकर माहौल बनाने की कोशिश की है।
वहीं दूसरी ओर बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे पूरे मामले में संदेह और गहरा हो गया है।
सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कोई बाहरी वाहन स्कूल परिसर के अंदर कैसे पहुंच गया और विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। फिलहाल मामला चोरी का है या किताबों की अवैध बिक्री का, यह जांच का विषय बना हुआ है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही जरूर उजागर हो गई है।