मुरादाबाद जिले में आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने 643 ग्राम पंचायतों के लिए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है। नई सूची के अनुसार जिले में कुल 15,01,036 मतदाता गांव की सरकार चुनेंगे। वर्ष 2021 की तुलना में इस बार 27,160 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
2021 के मुकाबले बढ़े 27 हजार से अधिक वोटर
जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जिले की ग्राम पंचायतों में कुल 14,73,876 मतदाता थे। अब यह संख्या बढ़कर 15,01,036 पहुंच गई है। मतदाताओं की संख्या में हुई इस वृद्धि को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और नए मतदाताओं के पंजीकरण का परिणाम माना जा रहा है। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव देखने को मिला है। सबसे अधिक वृद्धि डिलारी ब्लॉक में दर्ज की गई, जहां 10,064 नए मतदाता जुड़े हैं।
एआई जांच के बाद हटाए गए डुप्लीकेट वोटर
पंचायत चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की एआई आधारित जांच कराई थी। जांच के दौरान बड़ी संख्या में डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हुई। पहले चरण में करीब 2.35 लाख संदिग्ध मतदाताओं की सूची भेजी गई थी, जिसमें लगभग 71 हजार नाम डुप्लीकेट पाए गए। दूसरे चरण में 4.66 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन कराया गया, जिसमें 53 हजार से अधिक नाम डुप्लीकेट निकले।
दोनों चरणों में कुल 1.24 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इसके बाद नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जिससे अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या 15 लाख के पार पहुंच गई।
डिलारी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, बिलारी में घटे वोटर
जिले के सभी ब्लॉकों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन बिलारी ब्लॉक एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा जहां मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई। डिलारी ब्लॉक में सबसे अधिक 10,064 वोटर बढ़े हैं, जबकि बिलारी में 1,869 मतदाता कम हो गए हैं। प्रशासन के अनुसार मतदाता सूची के सत्यापन और डुप्लीकेट नाम हटाने के कारण यह बदलाव सामने आया है।
कुंदरकी में सबसे ज्यादा, मुरादाबाद ब्लॉक में सबसे कम वोटर
जारी सूची के मुताबिक कुंदरकी ब्लॉक जिले का सबसे बड़ा मतदाता क्षेत्र बनकर उभरा है। यहां 99 ग्राम पंचायतों में कुल 2,43,850 मतदाता हैं। वहीं मुरादाबाद ब्लॉक में सबसे कम 1,35,072 मतदाता दर्ज किए गए हैं। चुनावी दृष्टि से कुंदरकी, बिलारी और डिलारी ब्लॉक सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में वोटर पंचायत प्रतिनिधियों का भविष्य तय करेंगे।
पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही पंचायत चुनाव की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गांव स्तर पर संभावित प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही ग्रामीण राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना है।