उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी मई माह की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में मुरादाबाद जिले का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। विकास कार्यों की रैंकिंग में मुरादाबाद प्रदेश में 56वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि कानून-व्यवस्था के मामले में जिले को 75वां स्थान मिला है। इस रिपोर्ट ने जिले के प्रशासनिक प्रदर्शन और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विकास में मुरादाबाद की गिरती रैंकिंग
सीएम डैशबोर्ड पर जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद मंडल का कोई भी जिला टॉप-10 में जगह नहीं बना सका। संभल 65वें, अमरोहा 62वें, मुरादाबाद 56वें, बिजनौर 34वें और रामपुर 16वें स्थान पर रहा। पिछले महीनों की तुलना में भी स्थिति में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल में मुरादाबाद 12वें स्थान पर था, जो मई में सीधे 56वें स्थान पर पहुंच गया।
मंडल के अन्य जिलों की स्थिति भी खराब
मंडल के अन्य जिलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। संभल और अमरोहा लगातार नीचे के पायदान पर बने हुए हैं। रामपुर ही एक ऐसा जिला रहा जिसने कभी-कभी टॉप-10 में जगह बनाई। लगातार बैठकों और निर्देशों के बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया है।
लगातार गिरावट से बढ़ी चिंता
पिछले छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि मुरादाबाद और संभल की रैंकिंग अधिकतर समय 50वें स्थान से नीचे रही है। केवल एक-दो महीनों में ही मामूली सुधार देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और खराब हो सकती है।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल
इस रिपोर्ट के बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। विकास परियोजनाओं की धीमी गति और कानून-व्यवस्था में गिरावट को लेकर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठ रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रदर्शन को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।