बहराइच की रैली में बरसे ओवैसी
AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में आयोजित जनसभा के दौरान पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुए कथित राजनीतिक संकट का जिक्र करते हुए Mamata Banerjee और Akhilesh Yadav दोनों को निशाने पर लिया।
ओवैसी ने कहा कि जो लोग AIMIM को बीजेपी की “बी टीम” बताते थे, वे आज TMC से नेताओं और सांसदों के जाने पर चुप्पी साधे हुए हैं।
‘दिल में काबा वाले बाबा के साथ चाय पी रहे’
अपने भाषण में ओवैसी ने बिना नाम लिए कुछ नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग कल तक “दिल में मदीना, आंख में काबा” जैसे नारे लगाते थे, आज वही “बाबा” के साथ बैठकर चाय पी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण कई नेता अपने पुराने विचारों और बयानों से पीछे हट गए हैं। ओवैसी ने कहा कि AIMIM पर लगातार आरोप लगाए गए, लेकिन अब राजनीतिक घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
TMC के 20 सांसदों का मुद्दा उठाया
ओवैसी ने TMC में कथित तौर पर 20 सांसदों के अलग होने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर नेताओं ने पार्टी क्यों छोड़ी। उन्होंने कहा, “जब इतने सांसद चले गए तो कोई सवाल क्यों नहीं पूछ रहा? जब ओवैसी राजनीतिक नेतृत्व की बात करता है तो लोगों को परेशानी होती है, लेकिन अब नौजवान जाग चुका है।”
यूपी चुनाव 2027 पर नजर
अपने भाषण में ओवैसी ने स्पष्ट संकेत दिया कि AIMIM उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में मजबूती से उतरने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अब नई राजनीतिक नेतृत्व की जरूरत है और युवाओं को आगे आना होगा।
उन्होंने बहराइच और मटेरा क्षेत्र के मतदाताओं से AIMIM का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी की लड़ाई लड़ रही है।
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता ने वर्षों तक भरोसा करके वोट दिया, लेकिन क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में जनता को वह लाभ नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
गठबंधन पर क्या बोले ओवैसी?
समाचार एजेंसी से बातचीत में ओवैसी ने आगामी चुनावों में गठबंधन की संभावना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई दल बीजेपी को चुनौती देने के लिए गंभीर प्रयास करता है, तो AIMIM उसके साथ आने पर विचार कर सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी गठबंधन में उनकी पार्टी को सम्मान और बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस बीच TMC से अलग हुए 20 सांसदों द्वारा नई राजनीतिक दिशा अपनाने की खबरों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर भविष्य की चुनावी रणनीतियों और विपक्षी राजनीति पर पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ओवैसी के इन बयानों को विपक्षी राजनीति और मुस्लिम नेतृत्व की बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।