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सरकार की सख्ती के बाद Meta का बड़ा एक्शन, 1.6 लाख Instagram अकाउंट किए बंद!

नई दिल्ली: बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और यौन शोषण संबंधी कंटेंट (CSAM) को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Meta ने भारत में बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने बताया कि पिछले छह महीनों में उसने भारत में 1.60 लाख संदिग्ध Instagram अकाउंट बंद किए हैं। यह कदम केंद्र सरकार की सख्ती और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस के बाद उठाया गया है।

सरकार ने मांगा था जवाब

हाल ही में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और विज्ञापनों की रिपोर्ट सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा था। सरकार ने कंपनी को निर्देश दिया था कि Instagram प्लेटफॉर्म से इस तरह के सभी विज्ञापन और नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री ने Meta के अधिकारियों को भी तलब किया था।

Meta ने दोहराई जीरो-टॉलरेंस नीति

Meta ने अपने बयान में कहा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराध बेहद गंभीर और घृणित हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में उसकी जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है और नियमों का उल्लंघन करने वाले अकाउंट, विज्ञापन और कंटेंट के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

AI की मदद से होगी निगरानी

कंपनी के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक संदिग्ध लिंक, विज्ञापनों और अकाउंट्स का स्वतः पता लगाकर उन पर कार्रवाई करती है। Meta का दावा है कि वर्ष 2025 के दौरान इसी तकनीक की मदद से दुनिया भर में Facebook और Instagram पर 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट हटाए गए।

विज्ञापन और URL भी किए गए ब्लॉक

Meta ने बताया कि केवल अकाउंट बंद करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कई विज्ञापनों को हटाया, उनसे जुड़े URL ब्लॉक किए और ऐसे नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जो आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने में शामिल पाए गए।

अब भी उठ रहे सवाल

हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्लेटफॉर्म पर अभी भी कुछ प्रतिबंधित विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं। इससे Meta की मॉडरेशन प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित निगरानी के बावजूद लगातार मानवीय समीक्षा और सख्त निगरानी की आवश्यकता बनी रहेगी ताकि ऐसे कंटेंट को पूरी तरह रोका जा सके।

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