मुरादाबाद में सरकारी भूमि पर कथित रूप से बने अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मस्जिद के हिस्से को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का दावा है कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है और लंबे समय से इस पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुलडोजर चलाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भूमि की जांच के दौरान पाया गया कि जिस स्थान पर निर्माण किया गया था, वह सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज है। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है और इसका उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चला अभियान
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया। पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। प्रशासन का कहना है कि अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
नोटिस के बाद की गई कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण को हटाने से पहले राजस्व अभिलेखों और कानूनी प्रक्रिया की विस्तार से जांच की जाती है।
अवैध कब्जों के खिलाफ जारी है अभियान
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। हाल के महीनों में कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया है। प्रशासन का कहना है कि चाहे निर्माण किसी भी प्रकार का हो, यदि वह सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि पर निर्माण करने से पहले उसके स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड की जांच अवश्य करें। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने पर इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।