दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने के बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने, कानून का पालन करने और किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।
“पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है”
शनिवार को जारी अपने बयान में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर निर्णय सभी कार्यकर्ताओं के लिए सर्वोपरि होता है और उसका सम्मान करना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी निर्णय पर असहमति या नाराजगी है तो उसे लोकतांत्रिक और संगठनात्मक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या संगठन की छवि को नुकसान पहुंचे।
सोशल मीडिया वीडियो पर जताई चिंता
नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो देखे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी पेट्रोल और केरोसीन का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इन दृश्यों को गंभीर बताते हुए कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की उग्र या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों।
उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने के लिए उचित मंच मौजूद हैं और विरोध भी संगठन की मर्यादा के भीतर होना चाहिए।
पहले भी दिया था यही संदेश
पूर्व गृह मंत्री ने दोहराया कि उन्होंने पहले भी अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की थी और आज भी उनका यही संदेश है। उन्होंने कहा कि भावनाओं में बहकर ऐसा कोई कार्य न करें जिससे किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचे या भारतीय जनता पार्टी की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।
टिकट बदलने के बाद हुआ था विरोध
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने इस बार डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। टिकट की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में समर्थक विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन के दौरान ग्वालियर-झांसी हाईवे पर लंबा चक्का जाम लगाया गया, जिससे यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा।
पथराव और पुलिस कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
चुनाव पर सभी की नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल बनी हुई है। अब सभी की नजर आगामी चुनावी प्रक्रिया और विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीति पर टिकी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।