लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की पहली उम्मीदवार सूची को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा जुलाई महीने में करीब 100 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यदि यह सूची जारी होती है तो इसे 2027 विधानसभा चुनाव के लिए बसपा की शुरुआती चुनावी रणनीति के रूप में देखा जाएगा।
उम्मीदवारों को मिलेगा संगठन मजबूत करने का समय
विश्लेषकों का मानना है कि यदि चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाती है, तो उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनसंपर्क अभियान तेज करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
बसपा पिछले कुछ महीनों से प्रदेशभर में लगातार समीक्षा बैठकें, कैडर कैंप और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन गतिविधियों को चुनावी तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि, उम्मीदवारों के नाम, सीटों की संख्या और अंतिम सूची को लेकर तस्वीर तभी साफ होगी जब पार्टी आधिकारिक घोषणा करेगी।
2027 चुनाव पर सभी दलों की नजर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है।
बसपा यदि समय रहते उम्मीदवारों की घोषणा करती है तो चुनावी अभियान को शुरुआती बढ़त मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
सपा का ‘प्लान 100’ भी चर्चा में
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव में करीब 100 दलित और आदिवासी उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।
बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव 2024 लोकसभा चुनाव में अपनाए गए PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को विधानसभा चुनाव में भी आगे बढ़ा सकते हैं।
हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी केवल आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी 14 सामान्य विधानसभा सीटों पर भी अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर दलित उम्मीदवार अवधेश प्रसाद की जीत और मेरठ सीट पर सुनीता वर्मा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी इस सामाजिक समीकरण को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल बसपा की 100 उम्मीदवारों वाली सूची को लेकर केवल राजनीतिक चर्चाएं और विश्लेषण सामने आए हैं। पार्टी की ओर से अभी तक किसी सूची की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में अब सभी की नजर बसपा की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है, जिससे 2027 के चुनावी समीकरणों की पहली तस्वीर सामने आ सकती है।