राष्ट्रीय

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को राष्ट्र का नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित देश के शीर्ष नेताओं ने कारगिल के रणबांकुरों को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरा देश वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सेना के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई केंद्रीय नेताओं ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शौर्य और बलिदान को देश की अमूल्य धरोहर बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने वीर सैनिकों को किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश जारी करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश उन वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञ है जिन्होंने भारत की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भारतीय जवानों का पराक्रम सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा और उनकी कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

राष्ट्रपति ने बताया राष्ट्र की अमूल्य प्रेरणा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं को देश सदैव याद रखेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का अद्वितीय पराक्रम, अडिग संकल्प और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

नेताओं ने याद किया ‘ऑपरेशन विजय’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू सहित कई नेताओं ने भी कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सभी नेताओं ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।

क्या था कारगिल युद्ध?

वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत कठिन परिस्थितियों में साहसिक अभियान चलाकर दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। 26 जुलाई 1999 को भारत ने निर्णायक विजय हासिल की, जिसके बाद हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वीरों का बलिदान रहेगा अमर

कारगिल युद्ध भारत के सैन्य इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक माना जाता है। देश आज उन सभी अमर वीरों को नमन करता है जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

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