झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र JSSC CGL परीक्षा रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
JSSC CGL रद्द करने की मांग पर कायम छात्र
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। छात्र चाहते हैं कि मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो।
छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार को आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए। वहीं, सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हुआ है।
धरना स्थल पर लाइट बंद होने को लेकर विवाद
मंगलवार देर रात प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि धरना स्थल के आसपास पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गतिविधियां देखी गईं। छात्रों के अनुसार, कुछ समय के लिए ग्राउंड और सड़क की स्ट्रीट लाइट बंद हो गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई कि प्रशासन आंदोलन को समाप्त कराने के लिए दबाव बना सकता है। हालांकि, टेंट के अंदर लाइट और पंखे चालू रहने की बात भी सामने आई है। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अलग-अलग दावों पर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की तबीयत बिगड़ी
आंदोलन के दौरान कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, राहुल और छात्रा अबीबा की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं, रूपेश और सविता भूख हड़ताल पर हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी कई दिनों से अनशन पर हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
लाठीचार्ज के विरोध में भी प्रदर्शन
राज्य विधानसभा की ओर मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
दूसरी ओर, रांची पुलिस का कहना है कि झड़पों में उसके 14 कर्मी घायल हुए हैं। इस कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन और एकदिवसीय भूख हड़ताल का ऐलान किया।
राजनीतिक घमासान भी तेज
छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। पार्टी ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी विधानसभा की ओर मार्च निकाला। वहीं, ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ की ओर से मौन जुलूस निकाला गया।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत बेनतीजा
सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत हुई, लेकिन इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।
अब छात्रों की मांग है कि JSSC CGL को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और मामले की CBI जांच कराई जाए। आंदोलन के 19वें दिन भी गतिरोध बरकरार है और सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है।