जैसलमेर में एक निजी बस में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई और 16 गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, वहीं एसी बस को स्लीपर कोच में बदलने पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की सहायता की घोषणा की है।
जैसलमेर से जोधपुर जा रही बस में हादसा
जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में मंगलवार दोपहर आग लगने से कम से कम 21 लोग ज़िंदा जल गए और 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। केके ट्रैवल्स द्वारा संचालित यह बस पाँच दिन पहले ही इस रूट पर शुरू की गई थी, और अब और जानकारी सामने आई है, जिससे पता चलता है कि एसी बस को स्लीपर कोच में बदल दिया गया था, और यात्रियों को आग से बचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि 57 यात्रियों को लेकर बस दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से रवाना हुई थी। जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर बस के पिछले हिस्से से धुआँ निकलने लगा। चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया, लेकिन कुछ ही पलों में आग की लपटें पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर पहुँचे और बचाव कार्य में मदद की। दमकल गाड़ियों और पुलिस को सूचना दी गई।
प्रधानमंत्री ने किया शोक व्यक्त ,करी मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने घायलों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार रात X पर एक पोस्ट में कहा, “राजस्थान के जैसलमेर में हुई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से व्यथित हूँ। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएँ प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।”