मुरादाबाद। इस वर्ष कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से और 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि धनतेरस अर्थात धनत्रयोदशी पर्व 18 अक्टूबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का इस दिन जन्म हुआ था।

धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्होंने अमृत का पान कर देवताओं को अमर बनाया। इसी कारण इस दिन को आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस दिन दीपदान और यमराज की पूजा का विशेष महत्व है। संध्या के समय घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के लिए दीप जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

धनतेरस के दिन पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सूर्यास्त के बाद शाम 6 बजकर 16 मिनट से रात 8 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इस समय भगवान धन्वंतरि और धन की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर होगा और अगले दिन दोपहर 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू और दीपक खरीदना शुभ माना जाता है।
खरीदारी योग्य ‘धन’ के रूप में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा
(श्री हरि ज्योतिष संस्थान प्रमुख, मित्तल पब्लिक स्कूल मुरादाबाद)
आचार्य पंडित केशव जोशी