11 जिलों के 52 युवाओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया
सोर्स। लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2022 में अग्निवीर योजना के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार राज्य के 11 जिलों के 52 युवाओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया पर कार्य कर रही है। ये वे मामले हैं, जिनमें आंदोलन के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे।

अग्निवीर योजना के विरोध में देशभर में उग्र प्रदर्शन हुए थे, जिसका प्रभाव उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी देखने को मिला था। उस समय युवाओं ने रेलवे संपत्ति, बसों और प्रशासनिक भवनों को नुकसान पहुंचाया था। इन घटनाओं में पुलिस ने तोड़फोड़, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने जिलों से रिपोर्ट मंगवाई है और समीक्षा के बाद ऐसे मामलों को चिह्नित किया गया है जिनमें अभियुक्त युवा पहली बार किसी ऐसी कार्रवाई में शामिल पाए गए। सरकार का मानना है कि ये युवा वर्तमान और भविष्य में सुधार का मौका पा सकें, इसलिए मामले वापस लेने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि युवाओं का भविष्य अंधकारमय न हो, इस उद्देश्य से सरकार कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मुकदमे निरस्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्द ही गृह विभाग की अंतिम मंजूरी के बाद एफआईआर रद्द करने का आदेश जारी हो सकता है।
इस निर्णय को लेकर राज्य भर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।