देश-विदेश ब्रेकिंग न्यूज़राष्ट्रीय

सिंधु के बाद चेनाब पर भारत का धमाका, पाकिस्तान पर पड़ेगी ब्रह्मोस से भी भारी मार

युद्ध सिर्फ गोलियों और मिसाइलों से नहीं लड़ा जाता, कई बार रणनीति और संसाधन ही सबसे बड़े हथियार बन जाते हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा ही एक रणनीतिक कदम उठाया है, जो आने वाले समय में उसे घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है। सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डालने के बाद अब भारत ने चेनाब नदी पर बड़ा फैसला ले लिया है।

चेनाब नदी पर दुलहस्ती स्टेज-II को ग्रीन सिग्नल

भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने चेनाब नदी पर प्रस्तावित दुलहस्ती स्टेज-II हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में विकसित की जाएगी और इससे 260 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

यह फैसला 19 दिसंबर को हुई बैठक में लिया गया, जिससे साफ हो गया है कि भारत अब सिंधु नदी बेसिन में लंबित परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की रणनीति पर काम कर रहा है।

पाकिस्तान के लिए क्यों है यह फैसला खतरनाक?

सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty – IWT) के तहत चेनाब नदी पाकिस्तान के हिस्से में मानी जाती है। लेकिन मौजूदा हालात में भारत ने इस समझौते को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। ऐसे में चेनाब पर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पाकिस्तान के जल अधिकारों और उसकी जल सुरक्षा पर सीधा असर डालेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो पाकिस्तान में पानी और बिजली का संकट गहराना तय है, जो उसकी अर्थव्यवस्था और आंतरिक स्थिरता को झटका देगा।

NHPC करेगी प्रोजेक्ट का विकास

दुलहस्ती स्टेज-II परियोजना को एनएचपीसी लिमिटेड विकसित करेगी, जिस पर करीब ₹3,277 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। यह प्रोजेक्ट मौजूदा 390 मेगावाट दुलहस्ती स्टेज-I के बुनियादी ढांचे का उपयोग करेगा, जिसे 2007 में कमीशन किया गया था। यह एक रन-ऑफ-द-रिवर योजना है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का दावा किया गया है।

पानी बना भारत का रणनीतिक हथियार

पहलगाम हमले के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद का जवाब अब कूटनीति और संसाधनों के जरिये भी दिया जाएगा। सिंधु के बाद अब चेनाब पर लिया गया यह फैसला पाकिस्तान के लिए किसी मिसाइल हमले से कम नहीं माना जा रहा।

🔍 निष्कर्ष

चेनाब नदी पर दुलहस्ती स्टेज-II परियोजना को मंजूरी मिलना भारत की रणनीतिक, कूटनीतिक और सामरिक नीति का हिस्सा है। आने वाले समय में यह फैसला भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव को और बढ़ा सकता है, लेकिन भारत का संदेश साफ है—आतंक का जवाब अब हर मोर्चे पर मिलेगा।

Related posts

रूस से सस्ता तेल: डेडलाइन खत्म, अब भारत के सामने चुनौती

News Author

टाटा–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीषण आग: AC कोच जलकर खाक, एक यात्री की जिंदा जलने से मौत

News Author

अमेरिका ने भारत के पोर्ट्स से ईरान पर मिसाइलें दागीं? भारत सरकार ने दावे को बताया फेक।

News Author

Leave a Comment