दुनिया एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सीधे सैन्य हस्तक्षेप और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। इस बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिका को सीधी और कड़ी चेतावनी दे दी है— “मेरे दोस्त मादुरो को तुरंत रिहा करो, वरना गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे।”
ट्रंप का बड़ा दावा: मादुरो को पद से हटाया, देश से बाहर भेजा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट कर दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला में “सफल सैन्य अभियान” चलाकर लंबे समय से सत्ता में काबिज तानाशाह निकोलस मादुरो को पद से हटा दिया है।
ट्रंप के मुताबिक मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर भेज दिया गया है। यह हमला 1989 में पनामा पर हमले के बाद लैटिन अमेरिका में अमेरिका का सबसे बड़ा सीधा हस्तक्षेप माना जा रहा है।
न्यूयॉर्क में चलेगा मादुरो पर मुकदमा
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने खुलासा किया कि मादुरो पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में गंभीर आपराधिक आरोपों में मुकदमा चलेगा।
मादुरो पर—
- मादक पदार्थ आतंकवाद की साजिश
- कोकीन तस्करी
- मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने
- अमेरिका के खिलाफ हथियारबंद साजिश
जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि मादुरो को अमेरिकी अदालत में “न्याय के पूरे प्रकोप” का सामना करना पड़ेगा।
रूस की निंदा, चीन की आपात बैठक
अमेरिकी हमले के बाद रूस और चीन भी हरकत में आ गए हैं।
रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की सशस्त्र कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए संयम बरतने की अपील की है। काराकास में हुए तड़के विस्फोटों को लेकर स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी गई है।
वहीं चीन ने इस मुद्दे पर आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।
किम जोंग उन की धमकी से बढ़ी चिंता
इन सबके बीच उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन का बयान हालात को और विस्फोटक बना रहा है। किम ने साफ शब्दों में कहा कि—
“वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा इसके गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे।”
विशेषज्ञ इसे अमेरिका के खिलाफ उत्तर कोरिया की अब तक की सबसे तीखी चेतावनी मान रहे हैं।
क्या कार्रवाई संवैधानिक थी? अमेरिका में भी सवाल
रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि मादुरो पर अमेरिका में मुकदमा चलेगा, लेकिन फिलहाल वेनेजुएला में आगे कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी।
हालांकि ली ने सवाल उठाया कि बिना युद्ध की औपचारिक घोषणा के सैन्य कार्रवाई कितनी संवैधानिक थी, इस पर अमेरिका के भीतर भी बहस तेज हो गई है।
वैश्विक संकट की ओर बढ़ती दुनिया?
अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा। रूस, चीन और उत्तर कोरिया की सक्रियता ने इसे वैश्विक शक्ति संघर्ष में बदल दिया है। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह मामला कूटनीति से सुलझेगा या दुनिया एक और बड़े संकट की ओर बढ़ेगी।