India-Bangladesh Border News
बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस देश को स्थिरता की राह पर लाने के बजाय भारत विरोधी बयानों और गतिविधियों में उलझे नजर आ रहे हैं। चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियों के बीच यूनुस के कुछ बयानों और कदमों ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को गंभीर रूप से बढ़ा दिया है।
इसी के मद्देनज़र भारत ने बांग्लादेश सीमा और चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) के आसपास अपनी रणनीतिक तैयारियों को तेज कर दिया है।
चिकन नेक पर बयान के बाद अलर्ट हुआ भारत
चीन दौरे के दौरान मोहम्मद यूनुस द्वारा भारत के सेवन सिस्टर्स राज्यों और सिलीगुड़ी कॉरिडोर का उल्लेख किया गया। इसके अलावा,
- चिकन नेक के पास स्थित लाल मोनिरहाट एयर बेस के विकास की जिम्मेदारी चीन को सौंपने की योजना
- पाकिस्तानी जनरल को ग्रेटर बांग्लादेश के नक्शे वाली बुकलेट सौंपने की घटना
इन घटनाओं ने भारत को पूरी तरह सतर्क कर दिया है।
तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन होगा अपग्रेड
भारत ने अब पूर्वी और पूर्वोत्तर मोर्चे पर सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन के बड़े विस्तार की तैयारी शुरू कर दी गई है।
केंद्र सरकार ने असम के बोकाजन गांव में 382.82 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। यह जमीन भारतीय वायुसेना (IAF) के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए ली गई है।
क्यों रणनीतिक रूप से अहम है तेजपुर एयरबेस?
- बांग्लादेश सीमा से लगभग 200–300 किलोमीटर दूर
- चीन सीमा (LAC) से 175–200 किलोमीटर की दूरी
- भारतीय वायुसेना की 11 विंग यहीं से संचालित
- पूर्वी मोर्चे पर रैपिड रिस्पॉन्स की क्षमता
- भविष्य में राफेल फाइटर जेट और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की संभावित तैनाती
इस विस्तार के बाद तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन हासीमारा एयरबेस के साथ मिलकर ईस्टर्न थिएटर की रीढ़ बन जाएगा।
भारत की व्यापक रणनीति का हिस्सा
यह कदम पूर्वोत्तर भारत में वायुसेना के ठिकानों को सशक्त करने की केंद्र सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। नई जमीन मिलने से:
- मजबूत एयरक्राफ्ट शेल्टर
- आधुनिक रनवे इंफ्रास्ट्रक्चर
- लॉजिस्टिक्स और मेंटेनेंस सुविधाओं का विस्तार
- बेहतर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम
तैयार किए जाएंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी सैन्य कार्रवाई संभव होगी।
भारत का स्पष्ट संदेश
विशेषज्ञों के मुताबिक, तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन का विस्तार यह साफ संकेत देता है कि
भारत अपनी सीमाओं, चिकन नेक और पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
बांग्लादेश की ओर से किसी भी उकसावे की स्थिति में भारत पूरी तरह तैयार है।