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“कयामत के दिन तक भी नहीं बनेगा बाबरी ढांचा” — बाराबंकी में CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, कानून और राम मंदिर पर भी बोले

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी ढांचे को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त और स्पष्ट बयान दिया है। मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को बाराबंकी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण “कयामत के दिन तक” भी नहीं होगा।

सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर बाबरी मस्जिद के नाम पर एक नए निर्माण की खबरों को लेकर विवाद तेज है। इस मुद्दे पर हिंदू संगठनों की नाराजगी और विरोध के बीच मुख्यमंत्री के बयान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण पर योगी का दो टूक

जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं, वे भ्रम में जी रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह दिन कभी नहीं आने वाला।

सीएम योगी के इस बयान को सीधे तौर पर उन संगठनों और समूहों को संदेश माना जा रहा है, जो समय-समय पर बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण की मांग उठाते रहे हैं।

“भारत में रहना है तो कानून मानना होगा” — सीएम योगी की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने मंच से कानून व्यवस्था को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो यहां के कानून और नियमों का पालन करना होगा। सीएम योगी ने यह भी कहा कि कानून तोड़ने वालों का रास्ता “सीधे नरक की ओर” जाता है।

उनके इस बयान को कई लोग राज्य की कानून-व्यवस्था नीति से जोड़कर देख रहे हैं। यूपी में बीते वर्षों में अपराध और माफिया पर सरकार की सख्त कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है।

राम मंदिर के संकल्प का जिक्र: “वादा पूरा हुआ”

सीएम योगी ने अपने भाषण में राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे” का संकल्प पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और यह केवल एक मंदिर नहीं बल्कि आस्था और संकल्प की जीत है।

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि उनकी सरकार जो कहती है, उसे करके दिखाती है।

“हमारी सरकार कहती है तो करके दिखाती है”

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि यह सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि फैसलों को जमीन पर उतारती है। उन्होंने इस संदर्भ में 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में फहराए गए केसरिया ध्वज का जिक्र किया।

सीएम योगी ने इसे भारत के गौरव और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।

मुर्शिदाबाद विवाद से जुड़ता है बयान?

मुख्यमंत्री योगी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर बाबरी मस्जिद के नाम पर एक नए निर्माण की खबरों को लेकर बहस तेज है। बताया जा रहा है कि इस खबर के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है।

हालांकि इस मामले में अभी तक आधिकारिक तौर पर सभी तथ्यों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे एक बड़े मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक संकेत और असर

सीएम योगी का बयान केवल धार्मिक या भावनात्मक मुद्दा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके राजनीतिक संकेत भी देखे जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का यह स्टैंड पहले भी साफ रहा है कि राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर उनकी सरकार किसी तरह का भ्रम नहीं रहने देगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बयान—

  • समर्थक वर्ग को मजबूत संदेश
  • विपक्ष पर दबाव
  • और विवादित चर्चाओं को “क्लियर कट” जवाब

के रूप में भी देखा जा सकता है।

निष्कर्ष

बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का “कयामत के दिन तक भी नहीं बनेगा बाबरी ढांचा” वाला बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। उन्होंने साफ किया कि बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण का सपना देखने वालों को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कानून पालन, राम मंदिर के संकल्प और सरकार की कार्यशैली पर भी स्पष्ट संदेश दिया।

अब देखना यह होगा कि मुर्शिदाबाद विवाद और इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल किस दिशा में जाता है।

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