आपकी थाली पर बढ़ेगा महंगाई का असर
कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद अब होटल और रेस्तरां में खाना महंगा होने की तैयारी है। देश के कई हिस्सों में होटल एसोसिएशनों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में मेन्यू के दाम करीब 10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।
होटल कारोबारियों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच पुराने दामों पर काम चलाना मुश्किल होता जा रहा है। इसका सीधा असर अब ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।
सिलेंडर के दाम में बड़ा उछाल
तेल कंपनियों की ओर से 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। होटल संचालकों का कहना है कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल गैस की कीमत करीब 1300 रुपये तक बढ़ चुकी है। होटल उद्योग के लिए गैस प्रमुख ईंधन है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाने की लागत पर पड़ रहा है।
सिर्फ LPG नहीं, तीन और वजहें भी
होटल इंडस्ट्री का कहना है कि केवल गैस महंगी होना ही वजह नहीं है। खाने की कीमत बढ़ाने के पीछे तीन और बड़े कारण भी हैं। पहला, खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। खासकर सनफ्लावर ऑयल जैसे तेलों की लागत बढ़ी है। दूसरा, दालों और सब्जियों की कीमतें भी लगातार ऊपर जा रही हैं, जिससे रोजमर्रा के खाने की तैयारी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। तीसरा, पैकिंग मटेरियल और डिलीवरी सर्विस कॉस्ट में बढ़ोतरी ने टेक-अवे और ऑनलाइन फूड ऑर्डर की लागत को भी बढ़ा दिया है।
होटल एसोसिएशनों का फैसला
आंध्र प्रदेश स्टार होटल्स एसोसिएशन ने साफ कहा है कि बढ़ती लागत के बीच मेन्यू की कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गई है। वहीं बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने भी अपने सदस्यों को सीमित दायरे में कीमतें बढ़ाने की छूट दी है। होटल मालिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च को पूरी तरह खुद उठाना अब संभव नहीं रह गया है।
किन चीजों पर दिखेगा असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में थाली, नाश्ता, मिठाई, स्नैक्स, टेक-अवे और ऑनलाइन ऑर्डर जैसी सेवाओं के दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि हर शहर में असर एक जैसा नहीं होगा, लेकिन बड़े शहरों से लेकर छोटे कारोबारी केंद्रों तक होटल कारोबारियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ग्राहकों के लिए क्या मायने?
अगर यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो बाहर खाना खाने वालों को अब पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। होटल कारोबारियों ने सरकार से राहत, टैक्स में छूट या सब्सिडी की मांग भी की है, लेकिन फिलहाल संकेत यही हैं कि महंगे सिलेंडर का बोझ आखिरकार ग्राहक की थाली तक पहुंचेगा।