रियाद/तेहरान: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, Iran ने कथित तौर पर Saudi Arabia और Oman के साथ बातचीत में संकेत दिया कि अगर क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ता है, तो United Arab Emirates को निशाना बनाया जा सकता है। इस दावे ने खाड़ी देशों के बीच नई बेचैनी पैदा कर दी है।
रिपोर्ट ने बढ़ाई कूटनीतिक हलचल
एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने बातचीत के दौरान बेहद कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि इस कथित बातचीत की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक सुरक्षा संदेश नहीं, बल्कि क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश भी हो सकती है।
सऊदी अरब और UAE के रिश्तों पर भी नजर
हाल के महीनों में Saudi Arabia और United Arab Emirates के बीच कई रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। खासकर तेल नीति और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग दिखी हैं।
हाल ही में UAE के OPEC से बाहर निकलने के फैसले को भी क्षेत्रीय मतभेदों के संकेत के रूप में देखा गया।
पुरानी प्रतिस्पर्धा भी बनी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा खींचतान नई नहीं है। Saudi Arabia और United Arab Emirates कई क्षेत्रीय मुद्दों पर अलग-अलग पक्षों का समर्थन करते रहे हैं।
Yemen, Sudan और Libya जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की रणनीतियों में अंतर लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
मध्य पूर्व पहले ही अस्थिर दौर से गुजर रहा है। ऐसे में Iran, Saudi Arabia और United Arab Emirates के बीच बढ़ती तल्खी वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों के लिए अहम मानी जा रही है।
फिलहाल सभी पक्षों की नजर कूटनीतिक संवाद पर टिकी है। लेकिन इतना साफ है कि खाड़ी क्षेत्र की राजनीति आने वाले दिनों में और संवेदनशील हो सकती है।