पश्चिम बंगाल की राजनीति आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य में अगले पांच साल तक सत्ता की कमान किसके हाथों में रहेगी, इसका फैसला आज हो सकता है। कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री पद के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। सूत्रों के मुताबिक बैठक के बाद आज ही नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान भी संभव है।
शाम 4 बजे से शुरू होगी विधायक दल की बैठक
बीजेपी विधायक दल की यह अहम बैठक कोलकाता के न्यूटाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में शाम चार बजे से प्रस्तावित है। पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायक इसमें शामिल होंगे। इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसे पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है।
सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे क्यों?
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन सबसे मजबूत दावेदार के रूप में Suvendu Adhikari का नाम सामने आ रहा है। हालिया चुनाव में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और भाजपा की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ के कारण सुवेंदु अधिकारी फिलहाल सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं।
बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने बदला बंगाल का सियासी समीकरण
इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस 100 के आंकड़े से नीचे सिमट गई। इस नतीजे ने राज्य की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। लंबे समय बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है।
इन नामों पर भी बनी हुई है नजर
हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए सिर्फ सुवेंदु अधिकारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य नाम भी चर्चा में हैं। इनमें Dilip Ghosh, Samik Bhattacharya, Agnimitra Paul और Roopa Ganguly शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व और विधायक दल की सहमति से ही होगा।
9 मई को शपथ ग्रहण समारोह
नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को Brigade Parade Ground में आयोजित होने की संभावना है। इस समारोह में Narendra Modi, Amit Shah समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की खबर है। बंगाल की राजनीति के लिए यह दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है।