
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में घटी यह घटना मानवता को शर्मसार कर देने वाली है।
अब्दुल्लापुर लेदा गांव में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक पति ने अपनी 5 माह की गर्भवती पत्नी के पेट में चाकू घोप दिया। इस बर्बर वारदात में गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई और घायल महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। समाज एक बार फिर सोचने पर मजबूर है कि आखिर दहेज जैसी कुरीति कब समाप्त होगी?
दहेज की मांग ने छीनी जिंदगियां
पीड़िता के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी की शादी करीब 3 वर्ष पहले अब्दुल्लापुर लेदा गांव में हुई थी।
शादी के समय परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, फिर भी उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया।
लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष — पति, सास और ननद — लगातार अधिक दहेज की मांग करने लगे।
बात-बात पर उसे ताने दिए जाते, खाना-पानी तक से वंचित रखा जाता और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता।
गर्भधारण के बाद भी स्थिति नहीं बदली — बल्कि पति का व्यवहार और अधिक हिंसक होता गया।
वारदात की रात — जब दहेज लोभ ने ले ली मासूम की जान
घटना वाली रात को घर में फिर से विवाद हुआ। पति ने अपनी पत्नी पर दहेज को लेकर गालियां बकीं।
पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने गुस्से में आकर रसोई में रखा चाकू उठाया और पेट में घोंप दिया।
गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही, जबकि ससुराल वाले उसे अस्पताल ले जाने के बजाय घायल हालत में वहीं छोड़ गए।
कुछ देर बाद जब पड़ोसियों को पता चला, तो उन्होंने शोर मचाया और सूचना पीड़िता के मायके वालों तक पहुंची।
मायके वालों की चीख और पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता के पिता, जो कि थाना रेहड़ (जनपद बिजनौर) क्षेत्र के रहने वाले हैं, सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ अवस्था में पाया। हालत गंभीर थी, इसलिए आनन-फानन में उसे पहले काशीपुर और बाद में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला गर्भवती थी और चाकू की चोट सीधी गर्भ में पल रहे बच्चे को लगी, जिससे गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
महिला की हालत भी नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट — ‘असामान्य रूप से गहरी चोटें’
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, महिला के पेट में लगी चाकू की चोट काफी गहरी थी।
डॉक्टरों को आपात सर्जरी करनी पड़ी ताकि गर्भाशय से मृत शिशु को बाहर निकाला जा सके।
यह ऑपरेशन करीब दो घंटे चला।
फिलहाल महिला को ICU में रखा गया है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि यदि कुछ घंटे की भी देरी होती, तो महिला की जान बचाना संभव नहीं था।
पुलिस की जांच और केस दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कुंवर आकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने तत्काल प्रभाव से मामले की गंभीरता को देखते हुए तहरीर के आधार पर आरोपी पति समेत तीन लोगों — सास और ननद — के खिलाफ धारा 498A, 307, 313, 34 IPC के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना चाकू बरामद किया है और आरोपी पति को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा है कि “इस तरह के जघन्य अपराध में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।”
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह का बयान
“घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
आरोपी पति समेत तीन लोगों को नामजद किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला का इलाज कराया जा रहा है, और जैसे ही वह बयान देने की स्थिति में होगी, हम उसका बयान दर्ज करेंगे।”
— कुंवर आकाश सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मुरादाबाद
पिता की व्यथा — “मेरी बेटी और पोते की हत्या कर दी गई”
पीड़िता के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“मेरी बेटी की शादी बड़ी मुश्किल से की थी।
जब से गई है, तब से उसको ताने दिए जाते थे कि दहेज में बाइक और पैसा क्यों नहीं दिया।
मेरी बेटी गर्भवती थी, हमने सोचा अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उन लोगों ने तो उसे और मेरे होने वाले पोते को भी नहीं छोड़ा।
मैं चाहता हूं कि दोषियों को फांसी दी जाए।”
उनकी आंखों में आंसू थे और शब्दों में क्रोध व बेबसी दोनों झलक रहे थे।
महिला आयोग और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा है कि इस मामले में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़िता को हर संभव आर्थिक व चिकित्सीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
प्रशासन ने पीड़िता के परिवार को ₹50,000 की तत्काल सहायता देने की घोषणा की है और दहेज प्रताड़ना मामलों की समीक्षा बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा — लोग बोले ‘ऐसा पहली बार हुआ है’
घटना के बाद अब्दुल्लापुर लेदा गांव में सन्नाटा पसरा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पति का स्वभाव पहले से ही आक्रामक था।
पड़ोसियों ने बताया कि आए दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था, लेकिन किसी ने कभी नहीं सोचा था कि मामला हत्या के प्रयास तक पहुंच जाएगा।
गांव की महिलाओं ने इस घटना पर आक्रोश जताते हुए कहा कि “अगर समय रहते पंचायत या परिवार बीच में हस्तक्षेप करता, तो शायद यह नौबत नहीं आती।”