अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio की भारत यात्रा को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi और मार्को रुबियो के बीच करीब एक घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान विदेश मंत्री S. Jaishankar और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval भी मौजूद रहे।
बैठक में रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कूटनीतिक हलकों में इसे भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

ट्रंप ने भेजा पीएम मोदी के लिए खास संदेश
इस मुलाकात का सबसे बड़ा आकर्षण अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का विशेष संदेश रहा। मार्को रुबियो प्रधानमंत्री मोदी के लिए व्हाइट हाउस आने का खास निमंत्रण लेकर पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने पीएम मोदी को समय मिलने पर अमेरिका आने का आग्रह किया है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्रंप के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजीं और कहा कि भारत हमेशा शांति, संवाद और कूटनीति के पक्ष में खड़ा रहा है।
रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर विशेष जोर
मार्को रुबियो की इस यात्रा में रक्षा और ऊर्जा सहयोग को खास महत्व दिया जा रहा है। दौरे से पहले रुबियो ने कहा था कि अमेरिका भारत को अधिक से अधिक ऊर्जा निर्यात करना चाहता है। उन्होंने भारत को अमेरिका का “महान साझेदार” बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तेल संकट और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका ऊर्जा क्षेत्र में अपने संबंध और मजबूत कर सकते हैं।
क्वाड बैठक पर दुनिया की नजर
मार्को रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक चलेगा। इस दौरान वे नई दिल्ली, कोलकाता, आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे। दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 26 मई को होने वाली क्वाड देशों की बैठक मानी जा रही है।
इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे। इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत-अमेरिका दोस्ती को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का संकेत है। दोनों देश रक्षा, व्यापार, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर लगातार करीब आते दिखाई दे रहे हैं।