समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई और बीजेपी नेता Aparna Yadav के पति प्रतीक यादव की मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह सामने आ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक शरीर में खून का थक्का बनने के कारण फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हुआ, जिसके बाद कार्डिएक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई। फिलहाल विसरा रिपोर्ट आने के बाद और भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोस्टमार्टम में पाया गया कि शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का ऊपर की ओर गया और फेफड़ों की नसों में पहुंच गया। इसके कारण फेफड़ों में संक्रमण बढ़ा और अचानक सांस लेने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। बाद में कार्डिएक अरेस्ट आने से उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूनों को सुरक्षित रखा है। साथ ही विसरा भी जांच के लिए संरक्षित किया गया है।
शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शरीर पर मौजूद सभी चोटें मौत से पहले की थीं। हालांकि इन चोटों की प्रकृति और वजह को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब पुलिस और मेडिकल टीम विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के कारणों को लेकर और स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
38 वर्षीय प्रतीक यादव को बुधवार सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जब उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सिविल अस्पताल के निदेशक ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई।
अखिलेश यादव पहुंचे मॉर्चरी हाउस
भाई के निधन की खबर मिलने के बाद अखिलेश यादव तुरंत किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के मॉर्चरी हाउस पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि “वह बहुत अच्छा था, मैंने पहले भी उसे अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए कहा था।” प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे और फिटनेस व बिजनेस से जुड़े हुए थे।
राजनीति से दूर रखते थे खुद को
प्रतीक यादव दिवंगत Mulayam Singh Yadav के बेटे थे। हालांकि उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी थी। वह फिटनेस बिजनेस और सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे। उनके निधन के बाद यादव परिवार समेत राजनीतिक जगत में शोक का माहौल है।