रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा का दूसरा दिन भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर केंद्रित है। रक्षा सहयोग, ऊर्जा व्यापार, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक तनावों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना आज के एजेंडे का सबसे अहम हिस्सा है। पुतिन का यह दौरा चार साल बाद भारत की उनकी पहली यात्रा है, जिसे दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेता एक ही कार में हवाई अड्डे से रवाना हुए—यह भारत-रूस की गहरी मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है।

🇮🇳 दूसरे दिन पुतिन का पूरा शेड्यूल (Day 2 Schedule)
- सुबह 11:00 बजे – राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत
- सुबह 11:30 बजे – राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
- सुबह 11:50 बजे – हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ शिखर बैठक
- दोपहर 1:50 बजे – संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
- दोपहर 3:40 बजे – भारत-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित
- शाम 7:00 बजे – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात
- रात 9:00 बजे – रूस के लिए प्रस्थान

रक्षा और ऊर्जा—द्विपक्षीय वार्ता का बड़ा एजेंडा
भारत और रूस वर्षों से मजबूत रक्षा साझेदार रहे हैं। इस बार भी रक्षा तकनीक, संयुक्त निर्माण, और सैन्य आपूर्ति पर उच्चस्तरीय चर्चा होने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। रूस से कच्चे तेल का बढ़ता आयात अब भारत-रूस व्यापार का सबसे बड़ा हिस्सा है। लेकिन यही बढ़ा हुआ तेल व्यापार व्यापार असंतुलन का कारण भी है, जिसे भारत इस बैठक में प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाएगा।
100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य—2030 का रोडमैप
दोनों नेता 2030 तक $100 बिलियन द्विपक्षीय व्यापार का नया लक्ष्य घोषित करेंगे। इसके अंतर्गत:
- भारतीय निर्यात में तेज़ वृद्धि
- फार्मा, ऑटोमोबाइल, कृषि और समुद्री उत्पादों के नए अवसर
- रूस में भारतीय कंपनियों की उपस्थिति बढ़ाना
- शिपिंग, स्वास्थ्य, उर्वरक और कनेक्टिविटी पर नए समझौते शामिल होंगे
रूस का बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल दिखाता है कि मॉस्को यूरोप पर निर्भरता कम करते हुए भारत के साथ व्यापार विस्तार चाहता है।

उम्मीद—कई बड़े समझौते होंगे साइन
शिखर वार्ता के बाद व्यापार, ऊर्जा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते किए जाने की उम्मीद है।
अमेरिका-भारत तनाव के बीच अहम दौरा
पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका संबंधों में खटास बढ़ी है।
- अमेरिकी सरकार ने भारतीय सामान पर 50% तक शुल्क लगाया है
- रूस से भारत के तेल आयात पर 25% टैक्स भी लगाया गया है
- अमेरिका रूस-भारत ऊर्जा संबंधों पर कड़ी आपत्ति जता रहा है
पुतिन ने स्पष्ट कहा है कि भारत-रूस सहयोग किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए है।
पुतिन का बयान—”भारत की वैश्विक ऊर्जा भूमिका कुछ लोगों को पसंद नहीं”
पुतिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत की वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती भूमिका को कुछ पश्चिमी देश पसंद नहीं करते और वे राजनीतिक कारणों से कृत्रिम बाधाएं पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रूस पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग अप्रभावित बना हुआ है।

भारत-रूस: समय की कसौटी पर खरी दोस्ती
पीएम मोदी ने पुतिन का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता ने समय की हर परीक्षा को पार किया है और इससे दोनों देशों के लोगों को निरंतर लाभ मिलता रहा है।
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