उत्तर प्रदेश सरकार ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ राज्यभर में बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संगठित तरीके से चलाया जा रहा है। यूपी सरकार अब घुसपैठियों की पहचान से लेकर उन्हें निर्वासित करने तक की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने पर काम कर रही है।
UP में व्यापक सत्यापन अभियान—घुसपैठियों का बड़ा नेटवर्क उजागर

बयान में कहा गया है कि हाल ही में शुरू किए गए सत्यापन अभियान में कई जिलों में बड़ी संख्या में संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है।
प्रदेश में चल रही जांच ने यह भी उजागर किया है कि:
- अवैध प्रवासियों का संगठित नेटवर्क सक्रिय था
- कई राज्यों से हटकर घुसपैठिए अब उत्तर प्रदेश को नया ठिकाना बना रहे थे
- यूपी पुलिस और एटीएस (ATS) ने अभियान चलाकर कई घुसपैठियों को हिरासत में लिया है
यह कार्रवाई नेटवर्क की गहराई और इसके फैलाव को साफ दर्शाती है।
राज्य के हर मंडल में बनेगा ‘निरुद्ध केंद्र’
उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के हर मंडल में निरुद्ध केंद्र (Detention Centres) स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों में:
- पकड़े गए अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा
- उनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें यहीं रखा जाएगा
- सभी प्रक्रियाओं की निगरानी गृह विभाग द्वारा की जाएगी
इसके साथ ही, जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घुसपैठियों से जुड़ी जानकारी प्रतिदिन गृह विभाग को भेजी जाए।
FRRO के सहयोग से होगी निर्वासन की प्रक्रिया
बयान में बताया गया:
“निर्वासित करने की प्रक्रिया विदेश क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के सहयोग से संचालित की जा रही है।”
FRRO की सहायता से:
- विदेशी नागरिकों की पहचान
- रिकॉर्ड सत्यापन
- और कानूनी निर्वासन
तेज़ी से और संरचित तरीके से पूरा किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ का निर्देश—“राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि:
- अवैध घुसपैठ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी
- राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है
- घुसपैठियों के नेटवर्क को तोड़ना और उन्हें देश से निष्कासित करना आवश्यक है
सीएम के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में पुलिस, ATS और खुफिया इकाइयाँ सक्रिय हो गई हैं।